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आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न मंत्रालयों में सूक्ष्म, लघु एवं उद्यम मंत्रालय की है अग्रणी भूमिका

आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न मंत्रालयों में सूक्ष्म, लघु एवं उद्यम मंत्रालय की है अग्रणी भूमिका

उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न मंत्रालयों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की अग्रणी भूमिका है। उन्होंने कहा कि उद्यम से जुड़ी सभी गतिविधियों को एमएसएमई में शामिल किया जाना चाहिए।


उन्होंने यह विचार राष्ट्रीय एमएसएमई अभियान दल के सदस्यों और सिडबी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज लखनऊ में हुई बैठक में व्यक्त किए। इससे पहले राष्ट्रीय एमएसएमई अभियान दल के प्रमुख हरेन्द्र प्रताप सिंह,उप निदेशक( प्रचार ) एवं मुख्य संपादक, लघु उद्योग समाचार, एमएसएमई मंत्रालय, भारत सरकार ने उन्हें 12 दिवसीय अभियान के अब तक के अनुभव से अवगत कराया। 

आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर आयोजित इस राष्ट्रीय एमएसएमई अभियान का मुख्य उद्देश्य है ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में एमएसएमई सभा आयोजित करते हुए लोगों को स्वरोजगार की योजनाओं से परिचित कराना, उन्हें एमएसएमई साक्षर बनाना और एमएसएमई की केंद्रीय योजनाओं से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए मार्गदर्शन देना। इसके लिए सरल तरीके से जन जागरण किया जा रहा है।
                  
इस अभियान को केंद्रीय एमएसएमई मंत्री नारायण राणे ने 27 नवंबर को दिल्ली से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। दिल्ली से फरीदाबाद, बल्लभगढ़, पलवल, आगरा, फिरोजाबाद, फतेहपुर, कानपुर, इलाहाबाद, रीवा, बनारस, बक्सर, आरा, पटना, छपरा, चंपारण, संत कबीर नगर, सुल्तानपुर, कन्नौज और लखनऊ होते हुए यह अभियान कल रात दिल्ली में समाप्त होगा। 

सुप्रसिद्ध क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के पौत्र अमित आजाद ने अभियान दल को लखनऊ में राष्ट्रीय झंडा तिरंगा भेंट किया और साथ मिलकर वंदे मातरम् का गायन किया। इसके बाद अभियान दल के सदस्यों ने सिडबी मुख्यालय में उप प्रबंध निदेशक वी. सत्य वेंकट राव और मुख्य प्रबंधक चंद्रशेखर थानवी से मुलाकात कर उन्हें अभियान के उद्देश्यों से परिचित कराया। लखनऊ में कल अभियान दल के सदस्यों ने उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल, उद्यमी एसोसिएशन के पदाधिकारियों और जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों से एमएसएमई जागरूकता अभियान के उद्देश्यों पर चर्चा की थी।
                        
केंद्र सरकार के मंत्रालय द्वारा अनेक जागरूकता अभियान चलाये जा रहे हैं। इसी कड़ी में राष्ट्रीय एमएसएमई अभियान का यह पहला चरण है। देश के अन्य राज्यों में भी आजादी के अमृत महोत्सव पर अनेक जागरूकता अभियान आयोजित किये जाएंगे। इसमें प्रांतीय और जिला स्तरीय अभियान भी योजना में शामिल हैं। इस अभियान में बड़ी संख्या में जन भागीदारी और उद्यमी भागीदारी सुनिश्चित कर आत्मनिर्भरता के प्रयासों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस अभियान में केंद्रीय एमएसएमई मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय एमएसएमई विकास संस्थान और अन्य स्वायत्त संस्थान तथा राज्य सरकार के जिला उद्योग केंद्र भी भागीदारी कर रहे हैं।