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अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना हमारा मकसद : सीएम योगी

अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना हमारा मकसद : सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर पूर्वदशम/दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना 2021-22 के अन्तर्गत 12 लाख 17 हजार 631 मेधावी छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में 458 करोड़ 66 लाख रुपए का ऑनलाइन हस्तांतरण किया। इस अवसर पर उन्होंने 05 छात्र-छात्राओं हर्ष विश्वकर्मा, आशीष त्रिपाठी, प्राची मिश्रा, रिन्कू रावत और किशा फातिमा को छात्रवृत्ति स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान किया। साथ ही, उन्होंने 05 जनपदों-मुरादाबाद, फिरोजाबाद, प्रयागराज, बांदा तथा उन्नाव के छात्र-छात्राओं से वर्चुअल माध्यम से संवाद किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को शासन की तरफ से मिल रही छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के विषय में जानकारी प्राप्त की।


कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को शासन की योजनाओं के साथ जोड़ने का कार्य कर रही है। प्रदेश सरकार अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य बिना भेदभाव के कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा स्काॅलरशिप के माध्यम से छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में मदद दी जा रही है। उन्होंने छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही, समाज कल्याण व पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से जुड़े सभी अधिकारियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि वे इन छात्र-छात्राओं को शासन की योजनाओं से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं की जानकारी होना भी एक अत्यन्त महत्वपूर्ण कार्य है। इसके लिए जागरूकता महत्वपूर्ण होती है। यह कार्यक्रम उसी जागरूकता का एक हिस्सा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत साढ़े चार वर्ष में वर्तमान राज्य सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार की तुलना में 40 लाख से अधिक विद्यार्थियों को स्काॅलरशिप योजना से जोड़ने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि 02 अक्टूबर, 2021 को लगभग 57 लाख छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति की किस्त भेजी गयी थी। अब तक 68 लाख से अधिक विद्यार्थियों के खाते में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति उपलब्ध करायी जा चुकी है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार विद्यार्थियों के साथ भेदभाव करती थी। वर्ष 2016-17 में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं की स्काॅलरशिप रोक दी गयी थी। पूर्ववर्ती सरकार राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्य करती थी। जिसके कारण लोक कल्याणकारी योजनाएं बाधित होती थीं। मार्च, 2017 में वर्तमान सरकार नेे पहल करके उन विद्यार्थियों की स्काॅलरशिप को भेजने का कार्य किया।