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पश्चिमी उत्तर प्रदेश दिखाएगा सपा को बाहर का रास्ता: सिद्धार्थनाथ सिंह

पश्चिमी उत्तर प्रदेश दिखाएगा सपा को बाहर का रास्ता: सिद्धार्थनाथ सिंह

उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने अखिलेश यादव को लेकर एक बार फिर से हमला बोला है। उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में पश्चिमी उत्तर प्रदेश दंगों से ग्रस्त था। इस इलाके में सबसे अधिक दंगे हुए है।


उन्होंने कहा कि इलाके में पूर्ण रूप से तुष्टिकरण की राजनीति की जाती थी। वेस्ट यूपी में सबसे अधिक दंगे हुए कि यहां से लोगों को पलायन करना पड़ा। 

यही कारण है कि इस बार पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता ही सपा को बाहर का रास्ता दिखाएगी। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान और सम्मानित मतदाता मुजफ्फरनगर के दंगे को कभी भूलेंगे नहीं। आरोपियों को मिलने के लिए हेलीकॉप्टर से मिलने के लिए लखनऊ बुलाया गया था।

 

उन्होंने समाजवादी पार्टी के जंगलराज को लेकर तंज कसते हुए कहा कि यहां रोजगार की इतनी कमी थी कि इलाके के लोग हरियाणा, उत्तराखंड जैसे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हुए। राज्य में मात्र तुष्टिकरण की राजनीति बहाल होती रही।


उन्होंने कहा कि किसानों का सैंकड़ों करोड़ रुपये गन्ने का मूल्य सपा सरकार के कार्यकाल में बाकी रहा। इस बकाये की राशि को राज्य में सत्ता में काबिज होने के बाद योगी सरकार ने चुकाई है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार ने कोई नई योजना लागू नहीं की गई। इस दौरान किसी तरह की नई परियोजना की शुरुआत भी नहीं हुई। 


फाइव स्टार यात्रा पर भी कसा तंज


उन्होंने अखिलेश यादव की फाइव स्टार यात्रा को लेकर कहा कि देर से ही सही, लेकिन सद्बुद्धि आई और अब अब्बा जान को पोस्टर पर जगह तो दे दी है, लेकिन दिल में नहीं। जिस चाचा ने पूरी जिंदगी भाई का साथ दिया और बचपन में भतीजे को गोद में खिलाया, उसी चाचा को ठग लिया। अब उन्होंने जंग का ऐलान भी कर दिया है। 


उन्होंने सवाल किया है कि वेस्ट यूपी में अखिलेश अपनी सरकार के दौरान किए गए पांच काम भी नहीं बता सकते हैं। जबकि भाजपा ने वेस्ट यूपी को हाल ही में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे का तोहफा दिया है। रैपिड रेल और गंगा एक्सप्रेस वे सहित दर्जनों बड़ी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इसके अलावा विधानसभा स्तर पर हजार करोड़ से डेढ़ हजार करोड़ रुपए तक के काम कराए गए हैं।


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