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क्यों पूजनीय है कौशाम्बी का कामाक्षी देवी मंदिर?

क्यों पूजनीय है कौशाम्बी का कामाक्षी देवी मंदिर?

कामाक्षी देवी मंदिर उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले के प्रशासनिक मुख्यालय महाजनपुर कस्बे के पश्चिमी भाग में लगभग 10 किमी दूर गम्भीरा पूरब नामक ग्राम में एक तालाब के किनारे स्थित है।

कामाक्षी देवी मंदिर देवी शक्ति को समर्पित है। मंदिर आसपास के क्षेत्रों के साथ-साथ दूर-दराज के लोगों का पसंदीदा पर्यटन स्थल है। स्थानीय किंवदंती के अनुसार, कामाक्षी देवी अपने सभी भक्तों की इच्छा पूरी करती हैं। स्थानीय लोगों का इस मंदिर की दैवीय शक्तियों में दृढ़ विश्वास है और इस प्रकार यह भक्तों द्वारा दर्शन हेतु बार-बार आने वाले स्थलों में से एक है। इस मंदिर में सभी धर्मों के अनुयायी पूजा करते हैं।

जिला कौशाम्बी ऐतिहासिक स्थलों से समृद्ध है। हर काल का इतिहास जिले के महत्व को उजागर करता है। कड़ा, प्रभासगिरि और पुरानी कौशाम्बी प्रमुख ऐतिहासिक केंद्र हैं। पुरानी कौशाम्बी का इतिहास पूर्व-रामायण और महाभारत काल से भी पुराना है। यह वत्स महाजनपद की राजधानी थी, जो महाभारत में उल्लिखित 16 क्षेत्रों में से एक था। पुराण, रामायण और महाभारत में उल्लेख है, कि शहर की स्थापना एक छेदी  राजकुमार कुसा या कुसम्बा ने की थी। जिला मंदिरों से भरा हुआ है जिसमें कड़ाधाम का शीतला मंदिर और प्रभोस का जैन मंदिर मुख्य आकर्षण हैं।

अधिकांश लोग मंदिर में इस विश्वास के साथ जाते हैं कि कामाक्षी देवी के दर्शन से उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसलिए, मंदिर में वर्ष भर भक्तों और पर्यटकों का तातां लगा रहता है।

कौशाम्बी का जिला मुख्यालय महाजनपुर प्रयागराज से लगभग 55 किमी दूर है। महाजनपुर प्रयागराज (52 किमी), चित्रकूट (75 किमी), फतेहपुर (80 किमी) और कानपुर (160 किमी) से बस सेवाओं द्वारा जुड़ा हुआ है। निकटतम रेलवे स्टेशन भरवारी, महाजनपुर से लगभग 15 किमी दूर है। निकटतम हवाई अड्डा प्रयागराज हवाई अड्डा है जो महाजनपुर से लगभग 45 किमी दूर है।