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रायबरेली शराब कांड के आरोपियों पर योगी सरकार लगाएगी एनएसए और गैंगस्टर धारा

रायबरेली शराब कांड के आरोपियों पर योगी सरकार लगाएगी एनएसए और गैंगस्टर धारा

उत्‍तर प्रदेश सरकार ने जिला प्रशासन को नकली शराब की आपूर्ति में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। उन पर आईपीसी और आबकारी कानूनों की कड़ी धाराओं के अलावा एनएसए और गैंगस्टर अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी ऊंचा हो। विस्तृत और गहन जांच जारी है और असली दोषियों की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है। अवैध / नकली विंडीज ब्रांड की देशी शराब के स्रोत की जांच की जा रही है। बता दें क‍ि रायबरेली में जहरीली शराब से मंगलवार को दस लोगों की मौत हुई है। हालांकि, पुलिस जहरीली शराब से सिर्फ छह मौतें होने की ही पुष्टि कर रही है। 
 
इन स्थानीय पुलिस विभाग और आबकारी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की गई है:-
पुलिस विभाग;

नारायण कुमार कुशवाहा, एसएचओ महाराजगंज,
राजकुमार, चौकी प्रभारी, धुलवासा,
रत्नेश कुमार राय, पुलिस कांस्टेबल,
ब्रजेश कुमार यादव, पुलिस कांस्टेबल,
शिवनारायण पाल, पुलिस कांस्टेबल,
विजय राम, पुलिस कांस्टेबल,
आबकारी विभाग;

1. राजेश्वर मौर्य, डीईओ, रायबरेली,
2. अजय कुमार, आबकारी निरीक्षक,
3.धीरेंद्र श्रीवास्तव, आबकारी कांस्टेबल,
4. निलंबित एवं आरोप पत्र तत्काल प्रभाव से।
5. देसी शराब विंडीज़ की बिक्री पर रोक : रायबरेली में महाराजगंज के पहाड़पुर गांव में देसी शराब विंडीज में मिलावट चलते इसकी बिक्री पर रोक लगा दी गई है। 26 जनवरी को बंदी होने के बावजूद कई दुकानें खुलवा कर चेकिंग कराई गई। ठेकेदारों को हिदायत दी गई कि वह फिलहाल इस ब्रांड की शराब को न बेचे। जिला आबकारी अधिकारी राजेश्वर ने निलंबित होने के पूर्व इससे संबंधित एक वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर साझा किया।

ठेकेदार के घर मिली सिरिंज और दवाइयां : पूरे पोदराम सिंह निवासी शराब ठेकेदार धीरेंद्र सिंह के घर से पुलिस को भारी मात्रा में सिरिंज और नशीली दवाएं मिली है। शराब में मिलावट का शक उस पर और गहरा गया है। उसकी धरपकड़ के लिए कप्तान ने चार टीमें गठित कर दी हैं। इस संगीन मामले में फरार ठेके का सेल्समैन भी पुलिस के रडार पर है।

35 लोगों का चल रहा अब भी इलाज : जिला अस्पताल व सीएचसी में 35 लोगों का इलाज अब भी चल रहा है। हालाकि सभी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।