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योगी सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर वापस अपने पुराने घर लौट आया हूं: शिवाकांत ओझा

योगी सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर वापस अपने पुराने घर लौट आया हूं: शिवाकांत ओझा


उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के दलबदल का दौर अपने चरम पर है। इसी कड़ी में कई अन्य नेताओं ने भी समाजवादी पार्टी से किनारा कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली है। आपको बता दें कि समाजवादी पार्टी से 3 बार विधायक शरद वीर सिंह, पूर्व मंत्री प्रो. शिवाकांत ओझा और पूर्व सांसद राकेश सचान बीजेपी में शामिल हो गए हैं। यूपी चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, भारत सरकार में मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी आदि लोग की मौजूदगी में तीनों नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ली।   

4 बार विधायक रहे शिवाकांत ओझा भाजपा में शामिल 
भाजपा की सदस्यता लेने वाले शिवाकांत ओझा 4 बार विधायक रहे हैं। इसी के साथ वह स्व. कल्याण सिंह की सरकार में मंत्री रहे और अखिलेश यादव की सरकार में भी कैबिनेट मंत्री रहें। 

उन्होंने कहा कि जिस तरह का प्रशासन योगी सरकार ने पिछले पांच सालों में दिया है, ऐसी सरकार और बड़ी मजबूती के साथ यूपी में पुनः सरकार बनाएगी। न दंगा हुआ, न भ्रष्टाचार देखने मिला, गरीबों की जरूरतें के उनके दरवाजे पर ही उपलब्ध हुई, भला कौन ऐसी सरकार न चाहेगा।

रानीगंज से टिकट कटने के बाद से दिल्ली में जमे थे शिवाकांत
उल्लेखनीय है कि पिछली बार 2017 में रानीगंज सीट से भाजपा के धीरज ओझा विधायक चुने गए थे लेकिन अबकी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। सपा ने दो रोज पहले रानीगंज सीट से विनोद दुबे को उम्मीदवार घोषित कर दिया था जबकि इस सीट से शिवाकांत लड़ते रहे हैं। टिकट कटने से बाद से नाराज शिवाकांत भाजपा नेताओं के संपर्क में आकर दिल्ली में जमे थे। यहां कयासों का दौर जारी था तभी गुरुवार दोपहर दिल्ली के भाजपा दफ्तर में प्रकट हुए और प्रतापगढ़ के राजनीतिक गलियारे में चुनावी सरगर्मी और तेज हो गई। भाजपा ने सपा शासन में कैबिनेट मंत्री रहे शिवाकांत ओझा को अपने साथ मिलाकर सपा को एक और झटका चुनाव से पहले दिया है।