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कोरोना के बाद खुलने लगा उत्तर प्रदेश पर्यटन, सैलानी अब कतर्नियाघाट में थारू थाली का लेंगे मजा

कोरोना के बाद खुलने लगा उत्तर प्रदेश पर्यटन, सैलानी अब कतर्नियाघाट में थारू थाली का लेंगे मजा

बहराइच स्थित कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। इसके साथ ही वन विभाग पर्यटकों को खास मौका दे रहा है कि वो थारू संस्कृति से पहचान कर सकें उससे रूबरू हो सकें।


गौरतलब है कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार को पर्यटकों के लिए लंबे समय तक के लिए बंद किया गया था। विभाग के अनुसार पहले इसे नवंबर से खोला जाना था मगर बारिश के कारण पर्यटन को 15 दिनों के विलंब से खोला गया।


इस संबंध में वन अधिकारी आकाश दीप बधावन ने मीडिया को बताया कि इस सत्र के दौरान पर्यटकों को दोपहर में थारू व्यंजनों का लुत्फ उठाने का मौका मिलेगा। उन्हें विशेष थारू थाली और थारू नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। सैलानी यहां शानदार और तरोताजा करने वाली यादें साथ लेकर जाएंगे।


वहीं नेचर शॉप पर थारू समाज द्वारा बनाए गए जैकेट, टोपी, गेंहूं के डंठल की कलाकृतियां, बांस के आभूषण, थारू कलाकृतियां आदि भी बिक्री के लिए उपलब्ध है। इन चीजों को देखने में देशी और विदेशी पर्यटकों को बहुत चाव आ रहा है। वहीं स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी मिल रहा है।


बता दें कि पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए विभाग ने कुछ नये नियम बनाए है। इसके तहत जंगल क्षेत्र में अपने वाहन से भ्रमण पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा विभाग ने सैनेटाइजर व अन्य कोविड नियमों के साथ दो दर्जन से अधिक जिप्सी व हाई पावर फोर व्हील ड्राइव वाले वाहनों से जंगल सफारी की व्यवस्था की है।


पर्यटक ले रहे आनंद


जानकारी के मुताबिक पर्यटकों को यहां चीतल, पक्षियों की चहचहाहट का आनंद मिल रहा है। इसके अलावा बाघ, तेंदुआ, चीतल, गैंडा, बारासिंगा, ऊदबिलाव, फिशिंग कैट, सांभर, कांकड़, जंगली सुअर, जंगली हाथी और नीलगाय भी पर्यटकों को लुभाने में सफल हो रहे है।


बता दें कि ये घाट लगभग 550 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है जो कि दुधवा नेशनल पार्क का सिर्फ एक हिस्सा ही है। यहां की जैव विविधता और बाघों के संरक्षण के लिए इसे वन्य जीव अभयारण्य में भी शामिल किया गया है।