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उत्तराखंड में 2022 तक, हर घर को मिलेगा नल से जल : प्रहलाद सिंह पटेल

उत्तराखंड में 2022 तक, हर घर को मिलेगा नल से जल : प्रहलाद सिंह पटेल

नई दिल्ली। अपने तीन दिवसीय उत्तराखंड प्रवास पर पहुंचे केंद्रीय जलशक्ति एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा है कि उत्तराखंड में 2022 तक, हर घर को नल से जल मिलेगा।

पटेल ने देहरादून में जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, नमामि गंगे और विश्व बैंक पोषित पेरी-अर्बन पेयजल कार्यक्रम को लेकर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल जी और राज्य सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, सिंचाई विभाग और बागवानी विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। और प्रदेश में चल रही योजनाओं की यथास्थिति के बारे में जानकारी ली।

देहरादून के दूधली गाँव में जल जीवन मिशन के तहत 126.80 लाख रुपये लागत की जल आपूर्ति योजना का लोकार्पण किया। इस अवसर पर पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफालपूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और प्रदेश के अन्य गणमान्य मौज़ूद रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ये प्रधानमंत्री जी की दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व का ही परिणाम है कि आज पंक्ति के आखिर में खड़े व्यक्ति की समस्याओं पर ईमानदारी से बात होने लगी है। गरीब के नाम पर सिर्फ वोट बटोरे जाते थे। लेकिन उन्हें समाधान प्रधानमंत्री जी ने ही दिया जिससे उनके जीवन में बड़े बदलाव आ रहे हैं हाशिये पर रहे लोग अब समाज की मुख्यधारा का हिस्सा बन रहे है।

पटेल ने कई योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। और प्रदेश में चल रही योजनाओं की स्थिति जानी। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री से मुलाकात की और प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजनाओं, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत अभियान, नमामि गंगे पर चर्चा की।

श्यामपुर में केंद्रीय पटेल ने विधिवत पूजा अर्चना के साथ 9.4 करोड रुपये की लागत से पेयजल योजना का शिलान्यास किया। पटेल ने कहा कि उत्तराखंड के 47.30 प्रतिशत घरों में जल जीवन मिशन के तहत लगे पानी के कनेक्शन दिए गए हैं। 2022 तक लक्ष्य पूरा करने की चुनौती है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन की योजनाओं पर आचार संहिता का प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके लिए चुनाव आयोग से मांग की जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल एवं पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफाल भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

पटेल ने ऋषिकेश के चंद्रेश्वरनगर स्थित 7.50 एमएलडी एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्लांट परिसर में पौधारोपण किया। इसके बाद उन्होंने प्रेसवार्ता में कहा कि 2019 में देश खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) हो गया। स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और धार्मिक स्थलों के आसपास जहां पर पानी होगा वहीं पर शौचालय बनाए जा रहे हैं। ग्राम पंचायत ठोस कूड़े का प्रबंधन कर रही हैं। दूसरे चरण में ग्राम पंचायत कीचन गार्डन बना रहे हैं, जिसमें घर से निकलने अपशिष्ट की खाद बनाई जा रही है।

तीसरे चरण में कूड़ा प्रबंधन को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच मूर्त रूप लेती दिख रही है। जरूरतमंद लोगों को एक कमरे की छत, बिजली का कनेक्शन, गैस कनेक्शन और आयुष्मान कार्ड दिया गया है। घर-घर पानी पहुंचाया जा रहा है। नमामि गंगे परियोजना इस दिशा में काफी हद तक सफल रही है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश व हरिद्वार शहर में दूषित नालों को रोकने और सीवर शोधन के लिए पर्याप्त क्षमता के एसटीपी बनाए गए हैं। ऋषिकेश में लक्कड़घाट का एसटीपी 26 एमएलडी का बनाया गया है।

उत्तराखंड के जिला टिहरी गढ़वाल में प्रदेश के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से संवाद किया और प्रदेश में चल रही जल जीवन मिशन व अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने हरिद्वार में गंगा तट पर स्थित चंडी घाट का निरीक्षण किया और वहां पर गंगा अवलोकन संग्रहालय देखा और वहां मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों से बातचीत की और उचित दिशा निर्देश दिए। उसके बाद पटेल जगजीतपुर में स्थित 68 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का स्थलीय निरीक्षण किया। और वहां की कार्य व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से लंबी चर्चा की और बेहतरी के लिए दिशा निर्देश दिए।

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