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WBSSC भर्ती घोटाले में बंगाल सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को दी चुनौती

WBSSC भर्ती घोटाले में बंगाल सरकार ने हाईकोर्ट के आदेश को दी चुनौती

पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) द्वारा नौवीं और दसवीं कक्षा के लिए शिक्षक भर्ती अनियमितताओं की सीबीआई जांच के लिए न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय की एकल-न्यायाधीश पीठ के आदेश को ममता सरकार ने शुक्रवार को चुनौती दी।

राज्य सरकार ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति हरीश टंडन की खंडपीठ का दरवाजा खटखटाया और एकल-न्यायाधीश पीठ के आदेश को चुनौती दी।


हालांकि जस्टिस टंडन मामले की सुनवाई से अलग हो गए। अब इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सुब्रत तालुकदार की खंडपीठ द्वारा किए जाने की संभावना है, जो पहले से ही डब्ल्यूबीएसएससी द्वारा ग्रुप सी और ग्रुप डी गैर-शिक्षण कर्मचारियों की अनियमितताओं से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही है।


उल्लेखनीय है कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय की एकल पीठ ने अब तक डब्ल्यूबीएसएससी के विभिन्न पदों पर भर्ती में अनियमितताओं से संबंधित पांच मामलों में सीबीआई जांच का आदेश दिया था।


भाजपा और वाम मोर्चा सहित पश्चिम बंगाल में विपक्षी दलों ने पहले ही आरोप लगाया है कि जब भी सीबीआई जांच पर एकल-न्यायाधीशों की पीठ का कोई आदेश राज्य सरकार के खिलाफ जाता है, तो सरकार न्याय प्रक्रिया में देरी के लिए इसे खंडपीठ में चुनौती दे देती है। दूसरी ओर, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया है कि वाम मोर्चा और कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में तो सीबीआई जांच का स्वागत किया है, लेकिन वे अपने नेताओं के खिलाफ देश में कहीं और केंद्रीय एजेंसी का विरोध करते रहते हैं।


गुरुवार को राज्य सरकार ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव की खंडपीठ से संपर्क किया और पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में झालदा नगर पालिका के नवनियुक्त कांग्रेस पार्षद तपन कंडू की हत्या में सीबीआई जांच के लिए एकल-न्यायाधीश पीठ के आदेश पर रोक लगाने की मांग की। राज्य सरकार ने मामले में फास्ट ट्रैक आधार पर सुनवाई की भी अपील की है।