NEET से पहले तमिलनाडु में छात्र ने की आत्महत्या, स्टालिन ने परीक्षा से छूट के लिए कानून का वादा

NEET से पहले तमिलनाडु में छात्र ने की आत्महत्या, स्टालिन ने परीक्षा से छूट के लिए कानून का वादा

देश भर के विभिन्न कॉलेजों में चिकित्सा-स्नातक के पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट (एनईईटी) से कुछ घंटे पहले एक 19 वर्षीय उम्मीदवार अपने घर पर मृत पाया गया। मेडिकल की परीक्षा के लिए यह उम्मीदवार सलेम का रहने वाला था। 

छात्र की पहचान एस धनुष के रूप में हुई है। पुलिस को शक है कि उसने खुदकुशी की होगी क्योंकि इस परीक्षा में वह तीसरी बार शामिल होने जा रहा था और उस पर इस बार पास होने का दबाव था। 

सलेम में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, " शव के पास कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन परिस्थितिजन्य साक्ष्य से पता चलता है कि उसने आत्महत्या ही की होगी क्योंकि इससे पहले वह अपनी सीट क्लियर नहीं कर सका था।''

रविवार तड़के छात्र अपने कमरे में मृत पाया गया।

अधिकारी ने आगे कहा, ''उस पर NEET की तैयारी और उसे पास करने के लिए माता-पिता का दबाव था। परिवारवालों का यह भी कहना है कि वह इन दिनों प्रेशर में था।'' 

मृतक लड़के का बड़ा भाई एक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट है और उनके पिता खेती—बाड़ी से जुड़ने के साथ ही साथ एक इंडस्ट्री में भी वर्कर हैं। पुलिस ने आईपीसी की धारा 174 के तहत अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर लोगों से पूछताछ कर रही है।

इस क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी पलानीस्वामी ने सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम या द्रमुक पर एनईईटी को खत्म करने के अपने चुनावी वादे को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया और इससे उन विद्यार्थियों में भ्रम पैदा हुआ, जो यह नहीं जानते थे कि परीक्षाएं होंगी भी या नहीं।

उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, ''डीएमके के वादे का क्या हुआ?''

छात्र की मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने अपने एक बयान में कहा कि द्रमुक सरकार कल तमिलनाडु विधानसभा में एक विधेयक पारित करेगी, जिसमें NEET से स्थायी छूट की मांग की जाएगी।

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