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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा इतनी तेजी से क्यों चली अरुण गोयल की नियुक्ति की फाइल

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा इतनी तेजी से क्यों चली अरुण गोयल की नियुक्ति की फाइल

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्त अरुण गोयल की नियुक्ति के लिए जो प्रक्रिया अपनायी गई उस पर सवाल उठाते हुए कहा कि 15 मई से खाली पद के लिए 24 घंटे में ही प्रक्रिया कैसे पूरी कर ली गई, SC ने कहा हम चुनाव आयुक्त की योग्यता पर नहीं उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।

अरुण गोयल को 19 नवंबर को नियुक्त किया गया था चुनाव आयुक्त

उद्योग सचिव के पद पर नियुक्त 1985 बैच के IAS अधिकारी अरुण गोयल ने 18 नवंबर को स्‍वैच्छिक सेवानिवृत्ति स्‍कीम के तहत रिटायरमेंट ले लिया था तथा अरुण गोयल को 19 नवंबर को चुनाव आयुक्त नियुक्त कर दिया गया, सुप्रीम कोर्ट की पीठ EC तथा CEC की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम व्यवस्था बनाने की याचिका की सुनवाई कर रहा था इस दौरान अरुण गोयल की नियुक्ति पर एडवोकेट प्रशांत भूषण ने याचिका के माध्यम से सवाल उठाया जिसकी सुनवाई के दौरान SC ने सरकार से अरुण गोयल के नियुक्ति की फाइल मांगी।

अटॉर्नी जनरल ने अपॉइंटमेंट फाइल मांगने पर SC में आपत्ति जाहिर की थी

सुप्रीम कोर्ट के नियुक्ति से संबंधित फाइल को मांगने पर अटार्नी जनरल आर वेंकटरमणि ने एतराज जताया था लेकिन SC की आपत्ति के बाद आज उन्होंने नियुक्ति से सम्बंधित फाइल SC को सौंप दी।

SC ने कहा ऐसा EC हो जो प्रधानमंत्री पर भी कुछ आरोप लगने पर उनके खिलाफ कार्रवाई कर सके

सुप्रीम कोर्ट ने कहा ऐसा चुनाव आयुक्त हो जो प्रधानमंत्री के खिलाफ भी कार्रवाई कर सके, SC ने कहा इस संस्था की स्वतंत्रता पहले ही चरण से सुनिश्चित की जानी चाहिए।

कैसे होती है चुनाव आयुक्त की नियुक्ति

सरकार की सलाह पर राष्ट्रपति चुनाव आयुक्त व मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति करते है, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 (2) के तहत इनकी नियुक्ति का प्रावधान है लेकिन 70 सालो में अभी तक इसके तहत इनकी नियुक्ति नहीं हुई है, इनका कार्यकाल 6 वर्ष या 65 वर्ष (जो पहले हो) की उम्र तक होता है, सुप्रीम कोर्ट के जज की तरह इन्हे माना जाता है तथा उनके सामान ही वेतन व भत्ते प्रदान किये जाते हैं।