अजय देवगन और संजय दत्त के साथ अपने अभिनय की शुरुआत करेगा यूपी पुलिस का ये जवान

अजय देवगन और संजय दत्त के साथ अपने अभिनय की शुरुआत करेगा यूपी पुलिस का ये जवान

बदायूं | रचनात्मकता की कोई सीमा नहीं होती, इसी तरह अभिनय भी कोई दायरा नहीं जानता।  अब आप उत्तर प्रदेश पुलिस के इस अधिकारी को ही ले लीजिए। पेशे से पुलिस अफसर अनिरुद्ध सिंह जल्द ही हिंदी सिनेमा (Hindi Film Industry) में अपना पहला कदम रखने जा रहे हैं। 

बदायूं जिले में तैनात सर्कल अधिकारी अनिरुद्ध सिंह आगामी फिल्म 'भुज-द प्राइड ऑफ इंडिया' (latest film “Bhuj: te pride of India”) में अजय देवगन और संजय दत्त (Ajay Devgn and Sanjay Dutt) जैसे मझे हुए कलाकारों के साथ अभिनय कर रहे हैं। 41 वर्षीय पुलिस अधिकारी एक्शन ड्रामा में संजय दत्त के छोटे भाई की भूमिका निभाएंगे, जो अगस्त में रिलीज होने वाली है।

निर्देशक अभिषेक दुधैया के अनुसार, पर्दे पर सिंह का व्यक्तित्व वास्तविक जीवन में पुलिस के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है।

निर्देशक ने कहा, "सेट और ऑफ-ड्यूटी पर शूटिंग में व्यस्त होने के बावजूद, सिंह अपने सहयोगियों के साथ लगातार चेक-इन कर रहे थे। उनकी भूमिका लंबी हो सकती थी लेकिन उन्होंने ड्यूटी पर लौटने का फैसला किया।"

2001 में सब-इंस्पेक्टर के तौर पर फोर्स में शामिल हुए अनिरुद्ध सिंह पांच राज्यों में वांछित नक्सली संजय कोले समेत 26 अपराधियों के एनकाउंटर अभियानों में शामिल रहे हैं।

2016 में वाराणसी में सूरी की फिल्म की शूटिंग के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान उनपर पहली बार एक निर्देशक शेखर सूरी की नजर पड़ी।

सिंह ने कहा, "निर्देशक जाहिर तौर पर मेरी मूंछों, मेरे कद और मेरे व्यक्तित्व से प्रभावित थे। उन्होंने मुझे 2017 में रिलीज हुई अपनी अगली फिल्म 'डॉ चक्रवर्ती' में एक पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका की पेशकश की।"

तब से जालौन के एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले सिंह ने एक वेब सीरीज और दूसरी फिल्म 'गन्स ऑफ बनारस' में काम किया है। महामारी के कारण रिलीज में देरी हुई है।

बदायूं के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (Senior Superintendent of Police) संकल्प शर्मा ने कहा, "सिंह ने कई अनूठी पहल की हैं जो क्षेत्र में अपराध को नियंत्रित करने में मददगार रही हैं। उदाहरण के लिए, इस साल की शुरूआत में, उन्होंने क्षेत्र के दो गांवों के निवासियों को अवैध शराब छोड़ने में मदद की। शराब निर्माण और हस्तशिल्प और मुर्गी पालन करते हैं। उनकी टीम ने वहां के परिवारों को अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रोत्साहित किया।"

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