होम > विशेष खबर

₹20,000 करोड़ का एफपीओ लॉन्च कर के जल खंड में प्रवेश करना चाहता है: अडानी

₹20,000 करोड़ का एफपीओ लॉन्च कर के जल खंड में प्रवेश करना चाहता है: अडानी

अडानी एंटरप्राइजेज जल शोधन, उपचार और वितरण क्षेत्रों का दोहन करके जल खंड में प्रवेश करने की संभावना देख रहा है क्योंकि इसे बुनियादी ढांचे के अपने मुख्य व्यवसाय के लिए एक प्रमुख तत्व के रूप में देखा जाता है। अडानी समूह की प्रमुख कंपनी, जो अगले सप्ताह भारत में दूसरा सबसे बड़ा फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफर (एफपीओ) लॉन्च करने के लिए तैयार है, के पास बंदरगाहों, हवाई अड्डों, सड़कों, एक्सप्रेसवे बिजली उत्पादन और वितरण सहित अन्य क्षेत्रों में एक विविध व्यापार पोर्टफोलियो है।

समूह के मुख्य वित्तीय अधिकारी जुगशिंदर सिंह ने मिलान में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि अडानी एंटरप्राइजेज ने 3,112-3,276 रुपये प्रति इक्विटी शेयर की सीमा में 20,000 करोड़ रुपये के एफपीआई के लिए मूल्य दायरा तय किया है।

उन्होंने कहा, "इंफ्रास्ट्रक्चर का सबसे बड़ा खिलाड़ी होने के नाते, और पिछले दो दशकों से इस महत्वपूर्ण सेगमेंट के लगभग पूरे स्पेक्ट्रम में मौजूद होने के नाते, हम जल शोधन, उपचार और वितरण में प्रवेश करके जल सेगमेंट का दोहन करने के लिए बहुत उत्सुक हैं।“ जैसा कि पीटीआई द्वारा रिपोर्ट किया गया है।

जुगशिंदर सिंह ने कहा कि चूंकि कंपनी बहुत सारे प्रोजेक्ट/कंपनी इन्क्यूबेशन करती है, यह भी उसके इनक्यूबेशन प्रोजेक्ट का हिस्सा होगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा, अभी कुछ भी तय नहीं किया गया है, यह कहते हुए कि कंपनी वर्तमान में गुंजाइश और अवसरों का अध्ययन कर रही है, और संभावित संयुक्त उद्यम परियोजनाओं/अधिग्रहण लक्ष्यों को भी देख रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी इस सेगमेंट को लेकर काफी उत्सुक है क्योंकि किसी भी इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट में पानी एक प्रमुख तत्व है।

अदानी एंटरप्राइजेज ने पिछले बुधवार को अपने एफपीओ के फ्लोर प्राइस को बढ़ाकर 20,000 करोड़ रुपये करने की घोषणा की। कंपनी ने प्रति शेयर 3,112 रुपये से 3,276 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है । कंपनी ने एफपीओ में खुदरा निवेशकों के लिए ₹ 64 प्रति शेयर की छूट की भी घोषणा की है ।

एफपीओ के लिए एंकर निवेशकों को 25 जनवरी और बाकी को 27 से 31 जनवरी तक बोली लगाने की अनुमति दी जाएगी।

बड़े पैमाने पर शेयर बिक्री से समूह को कई लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से, अडानी पूंजीगत व्यय आवश्यकताओं के लिए फंड का उपयोग करेगा और अपनी इकाइयों - अदानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड, अदानी रोड ट्रांसपोर्ट लिमिटेड और मुंद्रा सोलर लिमिटेड के कुछ कर्ज का भुगतान करेगा।