होम > विशेष खबर

क्या है PFI, NIA ने क्यों मारा शिकंजा, और क्यों किये गए 100 लोग गिरफ्तार, जानिए वजह

क्या है PFI, NIA  ने क्यों मारा शिकंजा, और क्यों किये गए 100 लोग गिरफ्तार, जानिए वजह

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया शार्ट में पी ऍफ़ आई  जो पूर्व में कभी सिमी था , पी ऍफ़ आई, आई ऐस  आई के साथ, आई ऐस के नस्खे कदम पर था जिसे तुर्किय सहयोग कर रहा था , एनआईए के मुताबिक, पी ऍफ़ आई देश की राजनीति को सांप्रदायिक बनाने और तालिबान ब्रांड इस्लाम के मकसद से कई मोर्चों वाली रणनीति पर आगे बढ़ रहा है। उसका उद्देश्य मुख्य धारा के मुस्लिम संगठनों को समुदाय की सामूहिक चेतना से खत्म करना है। वह समाज में बंटवारे की भावना को बढ़ाना चाहता है। 

भारत सरकार ने एक मिशन के तहत जिस तरह गिरफ़्तारी की है वह साधारण नहीं है , पीएफआई के नेता तालिबान की तर्ज पर भारत को इस्लामिक स्टेट बनाना चाहते थे कई मौलवियों ने खुल कर कहा  था कि 2027 में भारत इस्लामिक राष्ट्र होगा , यह लोग बम  बनाने में दक्ष है , और सर कलम में भी ,टेरर फंडिंग और आतंकी गतिविधियों में शामिल हैं। हथियार चलाने के लिए ट्रेनिंग कैंप चला रहे हैं और युवाओं को कट्टर बनाकर प्रतिबंधित संगठनों में शामिल होने के लिए उकसा रहे हैं। 

नैशनल इंवेस्टीकेशन एजेंसी  पिछले साल से लगातार इन पर नज़र रखे थी । ईडी और पुलिस के साथ 15 राज्यों की 93 जगहों पर पीएफआई के टॉप नेताओं के ठिकानों पर छापे पड़े। 100 से ज्यादा की गिरफ्तारी हुई। इसके खिलाफ शुक्रवार को पीएफआई ने केरल में बंद बुलाया है। जगह-जगह सड़क जाम करने की कोशिश हो रही है। कुछ जगहों पर सरकारी बसों में तोड़फोड़ भी हुई है। केरल हाई कोर्ट ने इसका संज्ञान भी लिया है। 

 पीएफआई ने प्रशिक्षित वॉलंटियर्स की फौज तैयार कर ली है जो जरूरत पड़ने पर उसकी कार्रवाइयों को अंजाम दे सकें और मुस्लिमों में मजहबी कट्टरता बढे ।

पीएफआई की स्थापना 2006 में हुई थी।  बाबरी-विध्वंस के बाद 1993 में सिमी के कुछ पूर्व सदस्यों ने नैशनल डिवेलपमेंट फ्रंट बनाया था। 2006 में एनडीएफ और कुछ अन्य मुस्लिम संगठनों के विलय से पीएफआई का जन्म हुआ। इनमें तमिलनाडु की मनिता नीति पसराई, कर्नाटक में सक्रिय कर्नाटक फोरम ऑफ डिग्निटी, सिटिजंस फोरम ऑफ गोवा, राजस्थान स्थित कम्यूनिटी ऐंड सोशल एजुकेशन सोसाइटी और आंध्र प्रदेश की नागरिक अधिकार सुरक्षा समिति शामिल थीं।.................................ek arya