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सामूहिक विवाह योजना के जरिए उत्तर प्रदेश में अब तक दो लाख शादियां करा चुकी है योगी सरकार

सामूहिक विवाह योजना के जरिए उत्तर प्रदेश में अब तक दो लाख शादियां करा चुकी है योगी सरकार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाल विवाह और दहेज कुप्रथा के खिलाफ सभी लोगों को संकल्प लेना चाहिए। दहेज मुक्त शादियों, सामूहिक विवाह कार्यक्रमों से जुड़कर हम सभी दहेज कुप्रथा व इससे जुड़ी अन्य कुरीतियों के समाधान में अपना योगदान दे सकते हैं। 

सीएम योगी सोमवार को चंपा देवी पार्क मैदान में एक हजार से अधिक जोड़ों के मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजनों से बाल विवाह और दहेज जैसी कुप्रथाओं पर अंकुश लगता है। जिन लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, उनके घर में कन्याओं की शादी बड़ी समस्या थी। कई कन्याएं कुंवारी रह जाती थीं। 2017 में जब प्रदेश में डबल इंजन की भाजपा सरकार बनी तो इस समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना शुरू की गई। इसके तहत प्रति जोड़े की शादी हेतु पहले 31 हजार और फिर बढ़ाकर 51 हजार रुपये की धनराशि तय की गई। प्रदेश में अब तक करीब दो लाख शादियां इस योजना के अंतर्गत संपन्न हो चुकी हैं। 

बिना भेदभाव सबको मिल रहा शासन की योजनाओं का लाभ

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार पूरी प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और ईमानदारी से काम कर रही है। समाज के हर तबके को बिना भेदभाव शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। पीएम मोदी ने 2014 में सबका साथ, सबका विकास का जो मंत्र दिया था, वह आज प्रदेश में मूर्त रूप में नजर आता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के एक करोड़ परिवारों को प्रतिमाह एक हजार रुपये की दर से वृद्धा, निराश्रित, दिव्यांग पेंशन का लाभ मिल रहा है। 15 करोड़ लोगों को कोरोना काल से मुफ्त राशन की सुविधा मिल रही है। 

जोड़ों के परिजनों के साथ हम स्वयं भी गौरवांवित

सीएम योगी ने कहा कि किसी द्वारा निजी संसाधन से अपनी बिटिया की शादी का आयोजन किए जाने पर उनका व मंच पर मौजूद सांसदों-विधायकों का शामिल हो पाना मुश्किल होता। पर सामूहिक विवाह के इस भव्य कार्यक्रम में वह स्वयं आए हैं, सांसद, विधायक, महापौर भी मौजूद हैं। इससे वैवाहिक सूत्रबन्धन में बंध रहे जोड़ों के परिजन तो गर्व की अनुभूति कर ही रहे होंगे, वह खुद और सांसद-विधायक भी यहां आकर गौरवांवित महसूस कर रहे हैं। 

नवयुगलों को श्रीराम-जानकी के विवाह की स्मृतियों से जोड़ा मुख्यमंत्री ने

मुख्यमंत्री ने नवयुगलों को श्रीराम-जानकी के विवाह की पावन स्मृतियों से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि आज विवाह पंचमी है। इसी तिथि पर भगवान श्रीराम और माता जानकी का विवाह संपन्न हुआ था। आज की तिथि में यह कार्यक्रम होने से हम सभी हजारों वर्ष पहले श्रीराम-जानकी विवाह की पावन स्मृतियों से भी जुड़ रहे हैं। यह खुशनुमा और सौभाग्यशाली माहौल है।

नवयुगलों को प्रमाण पत्र व उपहार भी किया भेंट

समाज कल्याण विभाग की तरफ से आयोजित इस समारोह में एक हजार से अधिक जोड़े विवाह के पावन बंधन में बंधे। नवयुगलों में  हिन्दू, मुस्लिम दोनों शामिल रहे। मुख्यमंत्री ने सभी नव दम्पतियों को आशीर्वाद देते हुए मुख्यमंत्री ने उनके सुखमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने मंच से 14 नवयुगलों को प्रमाण पत्र और उपहार किट भेंट किया। इसमें अल्पसंख्यक जोड़े भी शामिल रहे। प्रमाण पत्र देने के दौरान मुख्यमंत्री ने जोड़ों से आत्मीय संवाद भी किया। 

गोरखपुर के सांसद रविकिशन शुक्ल, बांसगांव के सांसद कमलेश पासवान, महापौर सीताराम जायसवाल, विधायक फतेह बहादुर सिंह, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ल, महेन्द्रपाल सिंह, श्रीराम चौहान, डॉ विमलेश पासवान, भाजपा के जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह समेत प्रशासन, पुलिस, समाज कल्याण आदि विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।