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स्वच्छता अभियान : महाराष्ट्र और गोवा के 8,393 गांवों के सुपर हीरो हैं ये युवा स्वयंसेवक

स्वच्छता अभियान : महाराष्ट्र और गोवा के 8,393 गांवों के सुपर हीरो हैं ये युवा स्वयंसेवक

नई दिल्ली। यह खबर देश के युवाओं के लिए वाकई एक प्रेरणास्रोत है। नेहरु युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस) मुंबई के क्षेत्रीय निदेशक प्रकाश कुमार मनुरे ने कहा, “1,10,424 युवा स्वयंसेवकों ने महाराष्ट्र और गोवा दोनों राज्यों में 8,393 गांवों में स्वच्छता अभियान चलाने में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। हम हर दिन हर गांव से 37 किलो कचरा एकत्र कर रहे हैं जो केंद्र के प्रतिदिन के लक्ष्य से दो किलो अधिक है। हमने लक्षित अपशिष्ट संग्रह का 66 प्रतिशत हासिल कर लिया है।"

राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), पुणे और एनवाईकेएस 1 से 31 अक्टूबर के दौरान अपशिष्ट निपटान और स्वच्छता, विशेष रूप से सिंगल यूज प्लास्टिक (एक बार इस्तेमाल किया जाने वाला प्लास्टिक) कचरे के प्रसंस्करण के लिए राष्ट्रव्यापी गतिविधियों का आयोजन कर रहे हैं। 'आजादी का अमृत महोत्सव' के उपलक्ष्य में युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के युवा कार्यक्रम विभाग के "स्वच्छ भारत" कार्यक्रम के हिस्से के रूप में वर्चुअल मीडिया सम्मेलन का आयोजन किया गया।

मनुरे ने बताया कि प्रत्येक गांव से 30 किलो प्लास्टिक एकत्र कर उसी दिन उसका निपटान किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य महाराष्ट्र और गोवा के 13,136 गांवों से कचरा एकत्र करना है। फिलहाल यह अभियान 452 गांवों में चलाया जा रहा है। अक्टूबर माह में लक्ष्य 4,59,760 किलोग्राम कचरे का निपटान करना है।

मनुरे ने एक प्रस्तुति भी दी जिसके माध्यम से उन्होंने एनवाईकेएस की कार्य योजना और महाराष्ट्र एवं गोवा में उसके स्वयंसेवकों द्वारा चलाए गए कई स्वच्छता अभियानों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से कार्यक्रम को जन आंदोलन बनाना है। उन्होंने शैक्षिक संस्थानों, धार्मिक निकायों, व्यापारिक समुदायों, महिला स्वयं सहायता समूहों, खेल निकायों, गैर सरकारी संगठनों आदि के सहयोग से हर दिन चलाए जानी वाली स्वच्छ भारत गतिविधियों की भी जानकारी दी।

मनुरे ने कहा कि कचरा एकत्र करने के अलावा "459 स्मारकों की सफाई की गई है, 254 पारंपरिक जल स्रोतों का जीर्णोद्धार किया गया है और 1,820 स्कूलों, पीएचसी और सामुदायिक स्थानों को साफ और सुंदर बनाया गया है।"

उन्होंने राज्य स्तरीय संकलित रिपोर्ट को साझा करते हुए इस बात का उल्लेख किया कि महाराष्ट्र और गोवा दोनों में 8,393 गांवों में अभियान चलाने में 1,10,424 युवा स्वयंसेवकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया है। कुमार ने कहा, “हम हर गांव से हर दिन 37 किलो कचरा एकत्र कर रहे हैं जो प्रति दिन के केंद्र के लक्ष्य से दो किलो अधिक है। हमने लक्षित अपशिष्ट संग्रह का 66 प्रतिशत हासिल कर लिया है।

मनुरे यह भी बताया कि प्रत्येक राज्य से शीर्ष तीन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपराष्ट्रपति के साथ व्यक्तिगत मुलाकात करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा, "चयन राज्य स्तरीय समिति द्वारा किया जाएगा।"

राष्ट्रीय सेवा योजना, पुणे के क्षेत्रीय निदेशक डी कार्थिकैयन ने कहा, "एनएसएस स्वयंसेवक एक गांव को गोद लेते हैं और वहां स्वच्छता अभियान चलाते हैं, हमारे स्वयंसेवक इस अभियान को पूरा करने के लिए गोद लिए गए गांव में सात दिनों तक रहते हैं, हम विशेष रूप से सिंगल यूज प्लास्टिक को इकट्ठा करने के लिए विशेष महाअभियान चला रहे हैं। शिविर में छह राज्यों के लगभग 200 छात्र स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं।

कार्थिकैयन ने बताया कि एनएसएस महाराष्ट्र और गोवा के 25 विश्वविद्यालयों में सिंगल यूज प्लास्टिक एकत्र करने के लिए विशेष अभियान चलाने की योजना बना रहा है। स्वच्छता अभियान की सफलता और गति के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “हमने एक से 15 अक्टूबर तक चलाए गए अभियान से 50 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया है, हमें उम्मीद है कि हम समय पर पूरा लक्ष्य हासिल कर लेंगे।" उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उचित निपटान के लिए 300 किलोग्राम सिंगल यूज प्लास्टिक, ग्राम पंचायतों को पहले ही सौंपा जा चुका है।

सम्मेलन वर्चुअल मोड में आयोजित किया गया था। युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के युवा कार्यक्रम विभाग के "स्वच्छ भारत" कार्यक्रम का उद्देश्य जागरूकता फैलाना, लोगों को संगठित करना और स्वच्छ भारत पहल में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। यह कार्यक्रम नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस) से संबद्ध युवा मंडलों और राष्ट्रीय सेवा योजना से संबद्ध संस्थानों के नेटवर्क के माध्यम से देश भर के 744 जिलों के छह लाख गांवों में आयोजित किया जा रहा है।