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चमत्कारी है इंदौर का खजराना गणेश मंदिर, भक्तों ही हर मनोकामना होती है पूरी

चमत्कारी है इंदौर का खजराना गणेश मंदिर, भक्तों ही हर मनोकामना होती है पूरी

विश्व प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर की भक्तों में बेहद मान्यता है। इंदौर स्थित खजराना गणेश मंदिर में विघ्नहर्ता के दर्शन करने भक्त दूर दराज से अर्जी लेकर आते हैं। इस परिसर में भगवान गणेश के अलावा अन्य देवी देवताओं की भी मूर्तियां है। 


बता दें कि खजराना गणेश मंदिर देश के सबसे धनी गणेश मंदिरों में शुमार है। यहां हर वर्ष करोड़ों रुपये का चढ़ावा आा है। भक्त मंदिर में विदेशी मुद्राएं भी चढ़ाते हैं। भक्तों के चढ़ावे में सोने-चांदी के जेवरात भी शामिल होते हैं। वहीं सितंबर के महीने में आने वाली गणेश चतुर्थी के मौके पर भगवान गणेश के मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है। भगवान गणेश का तीन करोड़ रुपये के सोने के गहनों से श्रृंगार किया जाता है।


मंदिर में है स्वास्तिक का चमत्कार


मंदिर में पीछे की दीवार यानी गणेशदी की पीठ पर लोग उल्टा स्वास्तिक चिन्ह बनाकर अपनी मनोकामना की अर्जी लगाते हैं। श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण होने पर दोबारा आकर सीधा स्वास्तिक बनाया जाता है। दरअसल वर्षों से श्रद्धालु मानते आए हैं कि मंदिर में स्वास्तिक उल्टा बनाने से सभी मनोकामनाएं भगवान गणेश के आशीर्वाद से पूरी होती है। मंदिर की तीम परिक्रमा लगाने और धागा बांधने से भी श्रद्धालुओं के मन की अभिलाषा पूरी होती है।


वर्ष 1735 में हुआ निर्माण


विघ्नहर्ता के इस भव्य मंदिर का निर्माण वर्ष 1735 में होल्कर वंश की महारानी अहिल्याबाई ने करवाया था। मान्यता है कि तीन परिक्राम लगाने और मंदिर की दीवार पर धागा बांधना काफी शुभ माना जाता है। 


मंदिर की प्राचीन प्रतिमा के बारे में प्रचलित है ये बात


मंदिर की प्राचीन प्रतिमा के बारे में प्रचलित है कि ये स्थानीय पंडित मंगल भट्ट को सपने में दिखी थी। पंडित के सपने की जानकारी पाने के बाद महारानी अहिल्याबाई ने खुदाई करवाई और मूर्ति निकलवाकर उसे स्थापित किया। जिस स्थान से ये प्रतिमा निकली उसके ठीक सामने ही मंदिर का निर्माण किया गया है। प्रतिमा निकलने के स्थान पर आज के समय में जलकुंड निर्मित है।


अन्य देवी देवताओं के भी मंदिर


इस मंदिर परिसर में सिर्फ भगवान गणेश की आराधना ही नहीं होती है। यहां 33 छोटे बड़े मंदिर भी बने हुए है। यहां भगवान राम, शिव, मां दुर्गा, साई बाबा, हनुमान जी समेत कई देवी देवताओं के मंदिर हैं। मंदिर परिसर में पीपल का प्राचीन पेड़ है जिसपर श्रद्धालु अपनी हर मनोकामना पूरी करने के लिए धागा बांधते हैं।