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आखिरकार सस्ता होगा खाने का तेल

आखिरकार सस्ता होगा खाने का तेल

पिछले सप्ताह सरकार ने खाद्य तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर कीमतों में आई गिरावट का लाभ जनता तक पहुंचाने का निर्देश दिया था। सरकार की कोशिश है कि खुदरा बाजार में भी खाने वाले तेलों की कीमतों में गिरावट आए। विदेशों में पिछले सप्ताह के मुकाबले खाद्य तेल का मार्केट काफी फिसला है, जिसका असर घरेलू बाजार में भी देखने को मिल रहा है। 

तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में सरकार ने अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) में लगभग 15 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती करने का निर्देश दिया था। सरकार चाहती है कि विदेशी बाजारों में तेल की कीमतों में आई गिरावट का लाभ आम लोगों को भी मिले। 

इससे पहले भी हुई एक बैठक के बाद MRP में लगभग 10 रुपये की कमी की गई थी। धारा ब्रांड जैसी कंपनियों ने खाद्य तेल कीमतों में कटौती की पहल भी की है। इसके बारे में सूत्रों ने कहा कि जब ‘एमआरपी’ पहले से ही थोक दाम से ही लगभग 50 रुपये प्रति लीटर अधिक था और उसमें 15 रुपये की कटौती कर भी दी जाये तो वैश्विक खाद्य तेल कीमतों में गिरावट का लाभ आम उपभोक्ताओं या तेल उद्योग या आयातकों को कहां से मिला?

पिछले सप्ताह के मुकाबले इस हफ्ते सरसों पक्की घानी और कच्ची घानी तेल की कीमतें 65-65 रुपये घटकर क्रमश: 2,315-2,395 रुपये और 2,355-2,460 रुपये टिन (15 किलो) पर बंद हुईं। ग्‍लोबल मार्केट में खाने के तेलों के गिरे रेट का असर घरेलू खुदरा मार्केट में फिलहाल नहीं देखने को मिल रहा है।