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दिल्ली सरकार ने O.P. Jindal Global University के साथ MoU पर किए हस्ताक्षर

दिल्ली सरकार ने O.P. Jindal Global University के साथ MoU पर किए हस्ताक्षर

नई दिल्ली: दिल्ली सरकार के प्रशिक्षण निदेशालय (UTCS) ने बुधवार को दिल्ली सरकार के अधिकारियों के अकादमिक प्रशिक्षण, ज्ञान वृद्धि और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देकर उनकी समझ बढ़ाने के लिए ओ. पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (O.P. Jindal Global University) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता ज्ञापन (MoU) दिल्ली सरकार और जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (जेजीयू) के बीच अनुभवों, सर्वोत्तम प्रथाओं (बेस्ट प्रैक्टिस) और डिग्री कार्यक्रमों को पूरा करने के माध्यम से तकनीकी सहयोग को मजबूत करेगा।

यह एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व साझेदारी है, जो ज्ञान के सृजन को बढ़ावा देगी, अधिकारियों के कौशल को उन्नत करेगी और सीखने का एक नया माहौल तैयार करेगी।

एमओयू के बारे में बोलते हुए, एनसीटी, दिल्ली सरकार (Delhi Government) के मुख्य सचिव IAS अधिकारी विजय कुमार देव ने कहा कि दोनों संगठनों के लिए इस तरह की महत्वपूर्ण साझेदारी को शुरू करना एक ऐतिहासिक क्षण है।

उन्होंने यह भी बताया कि ओ. पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने खुद को भारत में अग्रणी शैक्षणिक संस्थान के रूप में स्थापित किया है और इसे कई अंतरराष्ट्रीय मान्यताएं प्रदान की गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जेजीयू फैकल्टी एक महत्वपूर्ण पहलू है, क्योंकि यह दिल्ली सरकार के अधिकारियों के कौशल को बढ़ाने के लिए शिक्षण और शिक्षण अध्यापन के उद्देश्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इस बारे में विस्तार से बात करते हुए देव ने कहा, "आज ओ. पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी भारत में नंबर एक निजी विश्वविद्यालय है और सीखने और सिखाने में उत्कृष्टता के लिए इसकी वैश्विक प्रतिष्ठा है। हमारा प्रयास है कि इस साझेदारी के माध्यम से हमारे अधिकारी अपने कौशल को बढ़ाने और नई योग्यता प्राप्त करने में सक्षम होंगे जो कि भविष्य में उन्हें असाधारण लोक सेवक बनने में सक्षम बनाएगा। मैं इस साझेदारी को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए तत्पर हूं।"

उन्होंने आगे कहा कि इसका उद्देश्य दिल्ली सरकार के अधिकारियों के शैक्षणिक प्रशिक्षण, ज्ञान वृद्धि और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग को प्रोत्साहित करने और बढ़ावा देने के लिए सहकारी संस्थागत संबंधों की रूपरेखा स्थापित करना है। सबसे कुशल तरीके से हमारे समाज की सेवा करने के लिए, दिल्ली सरकार के अधिकारियों के लिए शैक्षणिक प्रशिक्षण, ज्ञान वृद्धि और क्षमता निर्माण की प्रकृति रचनात्मक और लचीली होनी चाहिए।

ओ. पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के संस्थापक कुलपति, प्रोफेसर राज कुमार ने कहा, "जेजीयू एक नॉलेज इकोनॉमी (ज्ञान से परिपूर्ण अर्थव्यवस्था) बनाने में सबसे आगे है। 2009 में अपनी स्थापना के बाद से हमने सर्वोत्तम शिक्षण कार्यक्रम, भागीदारी, अनुसंधान और योग्यता प्रणाली स्थापित करने का प्रयास किया है। यह समझौता ज्ञापन हमारे लोक सेवकों की क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में एक कदम है, जो शासन और राजनीति में परिवर्तन निर्माता हैं। हमारे कार्यक्रम और पाठ्यक्रम वैश्विक मानकों पर आधारित हैं और यह विकास के लिए सर्वोत्तम अंतरराष्ट्रीय शिक्षा उपलब्ध कराते हैं। हमारे अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर योग्य शिक्षक और शिक्षाशास्त्र अद्वितीय हैं और हम दिल्ली सरकार के साथ कार्यक्रम का हिस्सा बनकर सम्मानित महसूस कर रहे हैं।"

एस. बी. दीपक कुमार, निदेशक, (प्रशिक्षण निदेशालय, केंद्र शासित प्रदेश सिविल सेवा), राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार, जो दिल्ली सरकार के कौशल प्रशिक्षण, सीखने और विकास के प्रभारी भी हैं, ने कहा, "इस समझौता ज्ञापन के तहत दिल्ली सरकार के अधिकारियों की क्षमता निर्माण में बिजनेस एनालिटिक्स में एमबीए की डिग्री में नामांकन, कोर्स पूरा करना और डिग्री प्रदान करना शामिल होगा। इसके साथ ही अधिकारियों के लिए अंतरराष्ट्रीय संबंध, सुरक्षा और रणनीति मामलों में एमए की डिग्री; सार्वजनिक नीति में एमए की डिग्री और सरकारी अधिकारियों को दूसरे पार्ट द्वारा ऑनलाइन मोड में पेश किए जाने वाले अन्य उपयुक्त मास्टर स्तर के पाठ्यक्रम शामिल हैं।"

जेजीयू के रजिस्ट्रार प्रो. डाबीरू श्रीधर पटनायक ने साझेदारी का स्वागत किया और कहा कि लोक प्रशासन, कानून, व्यवसाय, प्रबंधन, अर्थशास्त्र, नीति, वित्त, संचार, भूगोल, भारतीय इतिहास और संस्कृति, राजनीति विज्ञान, अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अन्य उभरते विषयों के साथ-साथ फैकल्टी मेंबर्स का आदान-प्रदान होगा, जिससे कौशल प्रशिक्षण में काफी फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा, "समझौता ज्ञापन में संयुक्त कार्यशालाओं, संगोष्ठियों, सम्मेलनों के आयोजन की भी परिकल्पना की गई है, जहां दोनों संगठनों के शिक्षाविद और अन्य भाग ले सकते हैं।"