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पीयूष गोयल ने प्रवासी भारतीयों से भारत में बिना संकोच निवेश करने का किया आह्वान

पीयूष गोयल ने प्रवासी भारतीयों से भारत में बिना संकोच निवेश करने का किया आह्वान

नई दिल्ली। केन्द्रीय वाणिज्‍य एवं उद्योग, उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल ने अनिवासी और प्रवासी भारतीयों से भारत में बिना किसी संकोच के निवेश करने का आह्वान किया है।

दुबई में इंडियन पीपुल्स फोरम (आईपीएफ) बिजनेस कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि भारत के विशाल प्रवासी समुदाय के लिए अपनी मातृभूमि में निवेश करने का यह सही समय है। भारत में असाधारण विकास की अपार संभावनायें हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम महामारी के बावजूद आर्थिक संकेतकों में वृद्धि देख रहे हैं। अप्रैल-सितंबर 2021 में वाणिज्यिक वस्तुओं का निर्यात अप्रैल-सितंबर 2019 की तुलना में 23.8% की वृद्धि के साथ 197.11 अरब डॉलर को छू गया। विनिर्माण पीएमआई का औसत 51.5 (पहली तिमाही) से सुधार के साथ 53.8 (दूसरी तिमाही) हो गया, जबकि जीएसटी संग्रह सितंबर में 5 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।

गोयल ने कहा कि सरकार ने अनुकूल कारोबारी माहौल बनाने के लिए कई कदम उठाये हैं। रेड टेपिज्म से लेकर व्यवसायों के लिए रेड कार्पेट बिछाने तक, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने एक लंबा सफर तय किया है। परिणामस्वरूप, भारत केवल 5 वर्षों में ईज़ ऑफ डूईंग बिजनेस रैकिंग में 130 से बढ़कर 63 स्थान तक पहुंच गया और ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (जीआईआई) में पिछले 6 वर्षों में 35 स्थान की तेज बढ़त के साथ 46 वें स्थान पर पहुंच गया है। पिछले 7 वर्षों में उठाये गये कदमों ने हमें दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम को विकसित करने में मदद की है"

आज़ादी का अमृत महोत्सवके 75 सप्ताह में, हमारा लक्ष्य देश में यूनिकॉर्न की संख्या को 75 तक ले जाना है। इसी तरह, भारत को 2020-21 (महामारी के चरम के दौरान) में लगभग 82 अरब डॉलर का अब तक का सबसे अधिक एफडीआई प्राप्त हुआ, जो 2019-20 (महामारी से पहले का समय) से 10 प्रतिशत अधिक है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश में आया 22.5 अरब डॉलर का कुल एफडीआई प्रवाह पिछले साल की इसी अवधि के 11.8 अरब डॉलर की तुलना में 90% अधिक है।

गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व ने हमारे देश को अंतरराष्ट्रीय समुदाय में एक उच्च पायदान पर पहुंचा दिया है। "हमारे प्राचीन ज्ञान वसुधैव कुटुम्बकम और सर्वे संतु निरामय ने हमें निस्वार्थ भाव से दुनिया की सेवा करने के लिये प्रेरित किया और हमने दुनिया को दवायें और टीके उपलब्ध कराये।" उन्होंने कहा, साथ ही कहा " मैं आपसे आग्रह करता हूं कि इस संदेश को आगे बढ़ायें और दुनिया भर के साथ हमारे संबंधों को और मजबूत करें। आशा करता हूं कि भारतीय प्रवासी प्रधानमंत्री मोदी जी के महान कार्य को आगे बढ़ाने और देश को फिर से 'विश्वगुरु' बनाने की दिशा में सर्वोत्तम संभव तरीकों से योगदान करेंगे।"

यह कहते हुए कि भारत और यूएई अगले साल राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ मनाने जा रहे हैं, गोयल ने कहा कि यह हमारे संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने का एक अच्छा अवसर है। प्रगति की ओर बढ़ते भारत के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में और इसके गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और विरासत को उजागर करने के लिए हम 'आजादी का अमृत महोत्सव' मना रहे हैं। संयोग से, यूएई भी 1971 में संघ की घोषणा के उपलक्ष्य में इस वर्ष को 'ईयर ऑफ 50 ' के रूप में मना रहा है। यूएई का ' प्रोजेक्ट्स ऑफ 50' और प्रधानमंत्री के 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण हमारे नेताओं की नेतृत्व क्षमता को दर्शाते हैं।" उन्होंने कहा, साथ ही कहा "भारत अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी को भव्य तरीके से मनाने के लिए अगले 25 वर्षों में अपनी अभिलाषाओं को पूरा करने पर ध्यान केन्द्रित कर रहा है, जबकि यूएई नेतृत्व अगले 50 वर्षों के लिए अपनी यात्रा की योजना बना रहा है।"

दुबई 'द सिटी ऑफ गोल्ड' में भारतीय समुदाय से मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए, श्री गोयल ने कहा, "आपकी वजह से ही दुबई को भारत का एक विस्तारित पड़ोस माना जाता है, - जो कि हमारे निर्यातकों के लिए दूसरा घर और भारतीय पर्यटकों के लिये एक प्रमुख गंतव्य है।"

गोयल ने रेखांकित किया कि यूएई में 34 लाख प्रवासी भारतीयों की मजबूत मौजूदगी दोनों देशों के बीच एक सेतु का काम करती है। मैं इस क्षेत्र में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों को जोड़ने और उन्हें एक मंच पर लाने में इंडियन पीपुल्स फोरम (आईपीएफ) के प्रयासों की सराहना करता हूं। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति, परंपरा और मूल्यों को विदेशों में दूर-दूर तक फैलाने की वजह से आप सिर्फ एनआरआई नहीं हैं बल्कि हमारे देश के "सांस्कृतिक राजदूत" हैं।

गोयल वर्तमान में दुबई एक्सपो में भारत के पवेलियन का उद्घाटन करने के लिये यूएई में हैं। इस आधिकारिक यात्रा को भारत-यूएई सामरिक साझेदारी को बढ़ावा देने और व्यापार और निवेश को अभूतपूर्व स्तर तक ले जाने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। मौजूदा एक्सपो दुनिया के लिए भारत को देखने का एक माध्यम, भारत की योग्यता और क्षमता को प्रदर्शित करने का अवसर है।

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