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आरबीआई मॉनिटरी पॉलिसी: लगातार 8वीं बार रेपो रेट में कटौती नहीं; CPI मुद्रास्फीति में गिरावट का

आरबीआई मॉनिटरी पॉलिसी: लगातार 8वीं बार रेपो रेट में कटौती नहीं; CPI मुद्रास्फीति में गिरावट का

मुंबई | भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास (RBI Governor Shaktikanta Das) ने शुक्रवार को अक्टूबर द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा की, जिसमें उन्होंने कहा कि MPC ने लगातार आठवीं बार रेपो रेट को 4% पर बरकरार रखने का निर्णय लिया है। इसके अलावा रिवर्स रेपो दर में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है और ये 3.35% रहेगी। इसके अलावा RBI ने  इसके अलावा, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विकासोन्मुखी समायोजनात्मक रुख को बरकरार रखा है ।

ये फैसला गवर्नर दास की अध्यक्षता में छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (monetary policy committee) की तीन दिवसीय समीक्षा बैठक के बाद लिया गया है।  वित्तीय पंडितों और अर्थशास्त्रियों ने आरबीआई के एमपीसी से प्रमुख उधार दर को अपरिवर्तित रखने की उम्मीद की थी जो की सही थी।

गौरतलब ही की आरबीआई ने मार्च 2020 के बाद से लेकर अब तक कोविड संकट से हुए नुकसान को कम करने के लिए रेपो दर में कुल 115 आधार अंकों (बीपीएस) की कटौती की है। 2019 की शुरुआत से लेकर अभी तक RBI कुल 135 बीपीएस मूल्य की दरों में कटौती केर चुका है। 

रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर आरबीआई बैंकों को उधार देता है, जबकि रिवर्स रेपो दर वह दर है जिस पर वह बैंकों से उधार लेता है। 

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि उच्च आवृत्ति संकेतकों को देखते हुए ऐसा प्रत्यक्ष है की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई है। इसके अलावा, आरबीआई मॉनेटरी पॉलिसी समिति ने वित्त वर्ष 22 के मुद्रास्फीति अनुमान को 5.7 प्रतिशत के पहले के अनुमान से घटाकर 5.3 प्रतिशत कर दिया है। दस ने कहा कि, “पिछली एमपीसी बैठक के समय की तुलना में भारत आज बहुत बेहतर स्थिति में है। विकास के आवेग मजबूत हो रहे हैं, मुद्रास्फीति प्रक्षेपवक्र अपेक्षा से अधिक अनुकूल है।”