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IndiGo ने दिव्यांग बच्चे को फ्लाइट में चढ़ने से रोका, तो भड़क गए सिंधिया, कही ये बात

IndiGo ने दिव्यांग बच्चे को फ्लाइट में चढ़ने से रोका, तो भड़क गए सिंधिया, कही ये बात

नई दिल्ली | IndiGo एयरलाइन के कर्मचारियों ने शनिवार को एक दिव्यांग बच्चे को रांची एयरपोर्ट पर हैदराबाद जाने वाले एक विमान में चढ़ने से रोक दिया था, जिसका संज्ञान खुद नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ( Jyotiraditya Scindia ) ने लिया है। एक ओर जहां विमानन नियामक DGCA ने मामले में जांच शुरू की है, वहीं मंत्री सिंधिया ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि पूरी जांच उनकी निगरानी में ही होगी।


ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस घटनाक्रम के बारे में कहा, मैं इस तरह के व्यवहार के लिए जीरो टॉलरेंस रखता हूं और किसी भी इंसान को इस तरह के कष्टदायक अनुभव से नहीं गुजरना चाहिए। इसी तरह हाल ही में दुर्गापुर जाने वाली उड़ान में सवार लोगों को पहुंची चोट और सामने आई परेशानी पर उन्होंने कहा कि मामले से बेहद गंभीरता और अच्छे ढंग से निपटा जा रहा है।


उन्होंने कहा, यह समझना होगा कि एक लक्ष्मण रेखा है, जिसे एयरलाइंस पार नहीं कर सकती हैं। मैंने कई सलाहकार समूह स्थापित किए हैं और मैं व्यक्तिगत रूप से ये बैठकें करता हूं, लेकिन हमारे पास ऐसे उदाहरण नहीं हो सकते हैं। मैं ऐसे सभी मुद्दों से पारदर्शी तरीके से निपटने और चर्चा करने के लिए तैयार हूं और कानून का शासन सभी के लिए समान है। याद रखें कि मैं एक सुविधाकर्ता हूं और समस्या समाधानकर्ता के रूप में आसानी से उपलब्ध हूं।


यूरोप और अमेरिका के लिए सीधे उड़ान


ज्योतिरादित्य सिंधिया चाहते हैं कि देश एक वैश्विक विमानन केंद्र बने और वह विभिन्न गंतव्यों के लिए नॉन-स्टॉप उड़ानों के साथ सीधे यात्रियों को ले जाए। इसके अलावा वह चाहते हैं कि भारतीय वाहक यूरोप और उत्तरी अमेरिका के गंतव्यों के लिए सीधे उड़ान भरने की योजना के साथ आगे आएं। साथ ही, वह यह भी चाहते हैं कि भारत दक्षिण पूर्व एशियाई और एंजैक एयरलाइनों के लिए एक लॉन्च पैड बने, ताकि वे यूरोप और उत्तरी अमेरिका के लिए उड़ान भरने के लिए दिल्ली और मुंबई का उपयोग लेओवर के रूप में कर सकें।


उन्होंने कहा, हम तेजी से अपने बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहे हैं, जमीन और हवा दोनों में क्षमता बढ़ा रहे हैं, तो हम इस मोर्चे पर भी आगे क्यों न बढ़ें। हवाई अड्डों को पट्टे पर देने, उनके उन्नयन (अपग्रेडेशन) और अधिक विमानों जैसे विभिन्न मोर्चो पर हम विस्तार कर रहे हैं। इसके अलावा, सिंधिया ने कहा कि मौजूदा किराया प्रणाली यानी फेयर कैप हवाई यात्रियों के साथ-साथ एयरलाइंस के लिए एक रक्षक के रूप में कार्य करती है और संकेत दिया है कि यात्री यातायात और जेट ईंधन की कीमतों के मामले में पर्यावरणीय स्थिति को स्थिर करने के बाद प्रतिबंधों को दूर किया जा सकता है।