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ग्रेटर नोएडा में साढ़े 4 सालों में 26 हज़ार करोड़ से ज्यादा का निवेश, बड़े निवेशक लगा रहे उद्यम

ग्रेटर नोएडा में साढ़े 4 सालों में 26 हज़ार करोड़ से ज्यादा का निवेश, बड़े निवेशक लगा रहे उद्यम

लखनऊ | उत्तर प्रदेश में विकास की रफ़्तार में एक पहिया ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र का भी रहा है।  योगी सरकार ने दवा किया है की गाठ साढ़े 4 वर्षों के दौरान विभिन्न परियोजनाओं में ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में 26 हजार 530 करोड़ रूपये का निवेश हुआ है। 

सूत्रों के अनुसार सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों और प्रदेश में उद्योग लगाने की सरलता की वजह से देश दुनिया के करीब 391 बड़े निवेशकों ने ग्रेटर नोएडा में सपने उद्योग स्थापित करने के लिए जमीन ली है। ये निवेशक 26,530 करोड़ रुपए का निवेश कर ग्रेटर नोएडा में अपने उद्योग लगा रहे हैं 

इसी दिशा में निवेश को और गति देते हुए और इस क्षेत्र में निवेश के इच्छुक उद्यमियों के लिए ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने ज़रूरत और निवेश के हिसाब से 450 वर्ग मीटर से लेकर 20 एकड़ के औद्योगिक भूखंड तक निवेशकों को उपलब्ध करने की एक योजना बनाई है। 

इसके लिए महीने के अंत तक आने वाले आवेदनों पर नवंबर के पहले सप्ताह में साक्षात्कार या ड्रा के जरिए आवंटन कर दिया जायेगा। इस योजना से सरकार और प्राधिकरण को करीब 800 करोड़ रुपए का अतिरिक्त निवेश और 3000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है। 

गौरतलब है की योगी सरकार की नीतियों की वजह से उत्तर प्रदेश का नोएडा "ईज आफ डूइंग बिजनेस" श्रेणी में देश में सबसे आगे चल रहा है और ईसिस कसौटी पर कुछ चुनिंदा राज्यों से मुकाबला भी केर रहा है। ग्रेटर नोएडा में बढ़ती मांग और निवेशकों के रुझान को देखते हुए अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आठ नए औद्योगिक क्षेत्र बसाने का फैसला किया है। 
  
इस दिशा में करीब 900 हेक्टेयर जमीन खरीदने की कार्रवाई भी पहले से ही शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में अब 23 औद्योगिक भूखंडों की योजना लांच की गई है। ग्रेटर नोएडा के सीईओ नरेंद्र भूषण के अनुसार आने वाले समय में, प्राधिकरण के सेक्टर , ईकोटेक- वन, एक्सटेंशन वन, ईकोटेक -6, ईकोटेक -8, ईकोटेक- 10, ईकोटेक -11 तथा सेक्टर -16 में औद्योगिक भूखंड आवंटित किए जाएंगे। 

इन क्षेत्रों में ग्रीन कैटेगरी नॉन पोल्यूतिंग कैटेगरी के सभी तरह के उद्योग लगाए जा सकते हैं। इस योजना से जुड़ी साड़ी जानकारी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट पर भी उपलब्ध करा दी गई है।

योगी सरकार ने राज्य में निवेश को बढ़ावा देने और रोज़गार के अवसरों को बढ़ने के लिए सराहनीय काम किया है।  नोएडा क्षेत्र में आईटी तथा मैन्युफैक्चरिंग पालिसी, फ़ूड प्रोसेसिंग नीति और सौर ऊर्जा सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देने के लिए दी गई रियायतों के चलते तमाम बड़ी कंपनियां और औद्योगिक घराने राज्य में अपने अपने उद्योगों की इकाई स्थापित करना चाहते हैं।  

सरकारी आंकड़ों के अनुसार बीते साढ़े चार वर्षों में देश एवं विदेश के 391 बड़े निवशक 26,530 करोड़ रुपए का निवेश कर ग्रेटर नोएडा में अपनी फैक्ट्री लगा रहे हैं। चीन की विख्यात कंपनी ओप्पो और विवो भी ग्रेटर नोएडा में निवेश कर रही हैं। इसके अलावा हिरानादानी ग्रुप, ड्रीम्सटच इलेक्ट्रानिक्स, इनोक्स एयर, लेमी प्लास्टिक मैन्युफैक्चरिंग जैसी कंपनियों ने अपना उद्यम स्थापित करने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से जमीन खरीदी है। 

आने वाले समय में निश्चित तौर पर ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण सबसे अधिक औद्योगिक निवेश के साथ देश का पहला प्राधिकरण बन जाएगा।


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