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जीएसटी परिषद अपनी दरों पर करे विचार, युक्तिसंगत बनाई जाएँ : पीएचडी चैंबर

जीएसटी परिषद अपनी दरों पर करे विचार, युक्तिसंगत बनाई जाएँ : पीएचडी चैंबर

नई दिल्ली| जीएसटी की दरों में बदलाव करने और उन्हें अधिक युक्तिसंगत बनाने के लिए उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने जीएसटी परिषद से आग्रह किया है। उद्योग निकाय का कहना है कि अगले बैठक में परिषद को अपनी दरों पर विचार करना चाहिए।


उद्योग निकाय के अनुसार, मौजूदा दरें देश में मांग सृजन और रोजगार सृजन के अनुरूप नहीं हैं।


पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष प्रदीप मुल्तानी ने कहा, "हम सरकार से जीएसटी दरों को 5 फीसदी, 10 फीसदी और 15 फीसदी के तीन प्रमुख स्लैबों के साथ-साथ 28 फीसदी के स्लैब में कुछ 'सिन गुड्स' में युक्तिसंगत बनाने का आग्रह करते हैं।"


तदनुसार, उद्योग निकाय ने कहा कि 12 प्रतिशत की दर से वस्तुओं को घटाकर 10 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दर से वस्तुओं को 15 प्रतिशत तक कम किया जाना चाहिए।


"0 और 5 प्रतिशत श्रेणी की वस्तुओं को यथावत रखा जाना चाहिए।"


'सिन गुड्स' की श्रेणी में 25 से अधिक आइटम नहीं होने चाहिए, जिन्हें 28 प्रतिशत पर रेट किया गया है।


मुल्तानी के अनुसार, टैक्स स्लैब के युक्तिकरण से अर्थव्यवस्था में जबरदस्त मांग पैदा होगी, मुद्रास्फीति के दबाव कम होंगे, उत्पादन के लिए उत्पादकों की भावनाओं में वृद्धि होगी और देश में बढ़ते कार्यबल के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।


मुल्तानी ने कहा, "कर आधार और कर से जीडीपी अनुपात बढ़ाने के लिए कम कर हमेशा अच्छे होते हैं।"


"आगे बढ़ते हुए, देश में व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देने के लिए उद्योग के लिए एक समान खेल मैदान महत्वपूर्ण होगा।"