इन लोगों को हो सकता है कोरोना का डबल इंफेक्शन, सावधान रहने की जरूरत

इन लोगों को हो सकता है कोरोना का डबल इंफेक्शन, सावधान रहने की जरूरत

कोरोना वायरस संक्रमण के दो स्ट्रेन या दो वेरिएंट से संक्रमित होने के मामले सामने आ चुके है। वैज्ञानिक और डॉक्टर इसे काफी बड़ी चुनौती मान रहे है। दरअसल अब तक ये पता नहीं चला है कि कोरोना वायरस के दो वेरिएंट का शिकार मरीज कैसे होता है।


वहीं को इंफेक्शन या दो वेरिएंट से कोरोना संक्रमण का शिकार होने के मामले काफी दुर्लभ है। मगर फिर भी वैज्ञानिकों का कहना है कि को इंफेक्शन का खतरा छोटा नहीं है। इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। न ही इसकी संभावना को नकारा जा सकता है। हालांकि अभी जरूरत है कि इस विषय पर अधिक गहनता के साथ शोध किया जाए।


एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन्फ्लूएंजा और हेपेटाइटिस सी जैसे वायरस म्यूटिड होते है। ये ऐसे वायरस है जो को इंफेक्शन का खतरा पैदा करते है। कोरोना संक्रमण के मामले में भी ऐसी ही स्थिति होती है। खासतौर से भीड़ वाले इलाके और संक्रमण वाले क्षेत्रों में अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।


वैज्ञानिकों की मानें तो रि कॉम्बिनेशन की प्रक्रिया से जेनेटिक सीक्वेंस यानी आनुवंशिक अनुक्रम में भी बदलाव किया जा सकता है। दरअसल जब दो वायरस का शरीर पर आक्रमण करते हैं तो वो अपने जीनोम के बड़े हिस्से को एक दूसरे के साथ स्वैप कर सकते है। इतना ही नहीं ये मिलकर नया सीक्वेंस भी बना सकते है।


वहीं को इंफेक्शन के मामले सामने आने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। इसमें पहले के वायरस की अपेक्षा म्यूटेशन काफी अधिक होता है। ऐसे में इसे अधिक गंभीरता से दूर करने की कोशिश होनी चाहिए। इसी के साथ किसी भी सूरत में कोरोना संक्रमण के मामलों का पालन करना नहीं छोड़ना चाहिए।


इन्हें हो सकता है खतरा


को इंफेक्शन को लेकर अलग अलग मामलों पर रिसर्च की जा रही है। मगर शुरुआती तौर पर कहा जा रहा है कि वैक्सीनेशन लेने से संक्रमण का खतरा कम किया जा सकता है। इस समय जिन लोगों को टीका लग चुका है उन्हें ऐसे मामलों से सुरक्षित माना जा सकता है। 


ये भी माना जा रहा है कि इस संक्रमण का खतरा उन्हें अधिक है जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है। इसी के साथ जिन लोगों को पहले से गंभीर बीमारी है, उन्हें भी कोरोना के को इंफेक्शन का खतरा हो सकता है।


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