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दिल्ली से सटे गुरुग्राम में भी बढ़ा डेंगू-मलेरिया का खौफ, बॉर्डर पर बढ़ी स्क्रीनिंग

दिल्ली से सटे गुरुग्राम में भी बढ़ा डेंगू-मलेरिया का खौफ, बॉर्डर पर बढ़ी स्क्रीनिंग

गुरुग्राम| दिल्ली में डेंगू और मलेरिया के बढ़ते मामलों के बीच गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट हो गया है। इसके तहत दिल्ली सीमा से सटे इलाकों में वायरल फीवर, डेंगू और मलेरिया के मामलों की पहचान के लिए विभाग ने अपना स्क्रीनिंग अभियान तेज कर दिया है।


सभी चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश जारी कर दिया गया है और स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीमें सीमा से सटे इलाकों में लगातार चेकिंग कर रही हैं।


सरकारी और निजी अस्पतालों में वायरल फीवर के मरीजों की संख्या में 25 फीसदी का इजाफा हुआ है।


जिले के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले कई लोग रोजाना काम के सिलसिले में सीमा पार करते हैं। ऐसे में जिले में संक्रमण फैलने का खतरा और भी बढ़ने की आशंका है।


अधिकारियों ने बताया कि जिले में डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए नाथूपुर, डूंडाहेड़ा, मुलाहेरा और सरहौल जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में स्क्रीनिंग बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।


मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) वीरेंद्र यादव ने कहा, "डेंगू और मलेरिया के लिए विभाग ने विशेष टीमों का भी गठन किया है। ये टीमें हर 15 दिन में सीमा से सटे इलाकों का सर्वेक्षण करेंगी। बुखार व अन्य लक्षणों से पीड़ित मरीजों की पहचान कर जांच की जाएगी।"


स्वास्थ्य विभाग की टीमों में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा आशा कार्यकर्ता और लैब टेक्नीशियन भी शामिल होंगे।


एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा, "ये टीमें पहले घर-घर जाकर जांच करेंगी और बुखार वाले मरीजों की पहचान करेंगी। उसके बाद अगर किसी मरीज में कोई अन्य लक्षण पाए जाते हैं तो मौके पर ही उनके सैंपल लिए जाएंगे जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। अगर किसी में डेंगू या मलेरिया की पुष्टि होती है, तो उसे आइसोलेट कर दिया जाएगा।


स्वास्थ्य विभाग ने इस सीजन में अब तक डेंगू के 17 मामलों की पुष्टि की है। पॉश इलाकों से लेकर कॉलोनियों और सेक्टरों तक गांवों में डेंगू फैल रहा है। शहर में अब तक डीएलएफ फेज-4, सेक्टर-65, 67, 89, 103, झारसा, कृष्णा कॉलोनी, भोंडसी, वजीराबाद और बादशाहपुर इलाकों में डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। मलेरिया का भी एक मामला सामने आया है।


यादव ने कहा, "टीमों को सीमा से सटे इलाकों में स्क्रीनिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। टीमें बुखार के मरीजों की पहचान करेंगी और जरूरत पड़ने पर डेंगू और मलेरिया की जांच के लिए नमूने एकत्र करेंगी। निगम के कर्मचारियों को भी फॉगिंग बढ़ाने के लिए कहा गया है।"