अर्धसैनिक बलों में डॉक्टरों के सैकड़ों पद खाली

अर्धसैनिक बलों में डॉक्टरों के सैकड़ों पद खाली

कोरोना संक्रमण काल में जहां डॉक्टरों की काफी जरूरत महसूस हुई है। वहीं देश के सशस्त्र पुलिस बल में डॉक्टर के कई पद खाली भी पड़े है। जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों, कई राज्यों में नक्सलवादियों और पूर्वोत्तर में विद्रोही समूहों से जूझ रहे सशस्त्र पुलिस बलों में डॉक्टरों की भारी कमी है।

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को बताया कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारियों और सामान्य चिकित्सा अधिकारियों के कुल 525 पद 15 फरवरी तक खाली थे।


सांसद ए. एम. आरिफ को एक लिखित उत्तर में मंत्री ने कहा कि विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारियों के 193 पद खाली पड़े हैं और सामान्य ड्यूटी चिकित्सा अधिकारियों के 332 पद खाली हैं।


असम राइफल्स में विशेषज्ञों के चार पद और सामान्य ड्यूटी डॉक्टरों के 31 पद खाली पड़े हैं। सीमा सुरक्षा बल में विशेषज्ञों के 51 और सामान्य ड्यूटी डॉक्टरों के 93 पद अभी भरे जाने बाकी हैं। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) में विशेषज्ञ के कुल 112 पद और सामान्य ड्यूटी डॉक्टरों के 85 पद खाली हैं।


भारत-तिब्बत सीमा पुलिस में कुल आठ विशेषज्ञ पद और 70 सामान्य ड्यूटी डॉक्टर खाली हैं। सशस्त्र सीमा बल में विशेषज्ञों के 18 और सामान्य ड्यूटी डॉक्टरों के 53 पद खाली हैं।


मंत्री ने कहा कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स में विशेषज्ञ और सामान्य ड्यूटी चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती नियमित रूप से चिकित्सा अधिकारी चयन बोर्ड के माध्यम से की जा रही है।


मंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर उपाय के तौर पर सीआरपीएफ को एक वर्ष की अवधि के लिए विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारियों के रिक्त पदों के खिलाफ अनुबंध के आधार पर सामान्य ड्यूटी चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती करने की अनुमति दी गई है।


यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार आरक्षित रैंक सूची से उम्मीदवारों की नियुक्ति की समाप्ति से पहले भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कोई कदम उठाएगी, मंत्री ने कहा कि पिछले चिकित्सा अधिकारी चयन बोर्ड  और कई उम्मीदवारों की आरक्षित सूची में उम्मीदवारों को प्रस्ताव पहले ही दिए जा चुके हैं। रिक्त पदों पर कई ने कार्यभार ग्रहण किया है।


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