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NDA से निकाले गए मनुज ने आईएएस बनकर दिखाया

NDA से निकाले गए मनुज ने आईएएस बनकर दिखाया

ग़ाज़ियाबाद के छोटे से गाँव के  रहने वाले मनुज ने अपनी बेसिक पढ़ाई करने के बाद देहरादून के एक स्कूल में पढ़ाई पूरी करने चले गए। पढाई पूरी होते ही उनका चयन NDA में हो गया था। वंहा उन्होंने पहले टर्म में ट्रेनिंग अकादमी में काफी बढ़िया प्रदर्शन किया। लेकिन दूसरे टर्म में वह डिप्रेशन के शिकार हो गए। 

उन्होंने काफी मेहनत की डिप्रेशन से बाहर आने की लेकिन संभव न हो सका, और उनके हाँथ और पैर में भी जख्म हो गया था। माता पिता भी यह मानते रहे की अभी नया नया है थोड़े दिन में सेटल हो जाएगा लेकिन मनुज मेंटली सेटल नहीं हो पाए और उनकी हालत इतनी ख़राब हो गई की, उनके अफसर ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया।  इसके बाद उनके पिताजी उनको वापस ले आये।  

मनुज को बार बार ऐसा लग रहा था कि मैं किसी और बड़ी चीज़ के लिए बना हूँ, घर आने के बाद तरह तरह कि नसीहतें मिली। कुछ दोस्तों ने उन्हें बाहर जाकर नौकरी करने की भी सलाह दी और उन्होंने किया भी। 

कुछ ही दिनों के बाद जब वह इंडिया आए तो उनके भाई UPSC कि तैयारी कर रहे थे तो मनुज ने भी सोचा कि मुझे भी कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे मुझे अपने देश से बाहर न जाना पड़े।  मनुज ने तैयारी कि और पहली ही बार में उन्होंने प्री और मैन्स दोनों ही निकाल लिया लेकिन इंटरव्यू तक नहीं पहुँच सके, फिर से उन्होंने परीक्षा पास की लेकिन इंटरव्यू में नहीं हो पाया और २०१७ में तीसरी एटेम्प में आल इंडिया ५२ वीं रैंक लाये और अपने माँ बाप का और अपने देश का नाम रोशन किया।