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शनन ढाका ने NDA टॉप किया

शनन ढाका ने NDA टॉप किया

शनन ढाका ने NDA  में टॉप किया और वो उसका श्रेय अपनी माँ और मौसी को देती हैं।  शनन ढाका तीन बहनें हैं और इनका कोई भाई नहीं है और इनके घर में इनकी माँ ने कभी कोई भेद भाव नहीं करती थी।  वो हमेशा आती और अपने बच्चों को एक लाइन कहती थी " यह बात मेरी समझ में ना आई गोल्ड तो  गोल्ड होती है और वो लड़का लाये या लड़की " ऐसा कह कर वो मुस्कुरा कर चली जाती थी।  शनन का कहना था की यह लाइन हमारे अंदर एक नई ऊर्जा भर देती थी। 

शनन शुरू से ही बहुत मेधावी छात्रा थीं, १० वीं में उन्होंने ९७ % नंबर और १२ वीं में ९८ % नंबर लाईं थीं और शुरू से ही वो आर्मी अफसर को देख कर बहुत प्रोत्शाहित होती थीं और सोचती थीं यह कितने  फक्र से अपनी जिंदगी जीते हैं।  

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ही शनन ने NDA के कोर्सेज के सारे सिलेबस डाउनलोड कर लिए थे और अपनी तैयारी शुरू कर दी थीं।  इनके पिता भी फ़ौज में थे और २०२० में रिटायर हुए और उनका सपना था की उनके बच्चे भी फ़ौज में होते।  

बता दें की NDA प्रवेश परीक्षा में कुल ५,७५, ८५६ आवेदकों में से ।,७७,६५४ महिला कैंडिडेट थीं।  NDA की पहली महिला बैच टोपर बनने के बाद उनके घर में बधाइयों का ताता लगा है।