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एआईसीटीई सर्वेक्षण कॉलेजों को सीखने के अंतराल की पहचान करने में मदद करेगा

एआईसीटीई सर्वेक्षण कॉलेजों को सीखने के अंतराल की पहचान करने में मदद करेगा

आइये एक नज़र AICTE पर डाले अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) की स्थापना नवंबर 1945 में एक राष्ट्रीय-स्तर की सर्वोच्च सलाहकार संस्था के रूप में की गई थी, जो तकनीकी शिक्षा के लिए उपलब्ध सुविधाओं पर सर्वेक्षण करने और देश में समन्वित और एकीकृत तरीके से विकास को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई थी।.

पिछले सितंबर 21 और 7 जून 22 के बीच एक सर्वेक्षण कराया गया जिसमे यह सामने निकल कर आया है कि इंजीनियरिंग के प्रथम वर्ष के छात्र किसी भी अन्य मुख्य विषय की तुलना में गणित विषय  के साथ अधिक संघर्ष कर रहे हैं। इसने सिविल इंजीनियरिंग शाखा में संरचनात्मक सुधारों की भी सिफारिश की है जो अन्य विषयों से पीछे है।

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के उपाध्यक्ष प्रो एम पी पूनिया जी का मानना ​​है कि परिषद द्वारा किए गए पारख सर्वेक्षण से कॉलेजों को सीखने की कमियों की पहचान करने में मदद मिलेगी ताकि छात्र अपने पाठ्यक्रम के दौरान उद्योग के लिए हर तरह से तैयार हो  सके। उन्होंने  सिविल इंजीनियरिंग शाखा में संरचनात्मक सुधारों की भी सिफारिश की है जो अन्य विषयों से पीछे है।

जनवरी 2017 से अपने वर्तमान पद पर कार्यरत प्रोफेसर पूनिया ने कई विषयों पर सौरव रॉय बर्मन से बात की, उन्होंने कहा कि उद्योग छात्रों के बीच समस्या-समाधान, निर्णय लेने की क्षमता की तलाश कर रहा है। वे चाहते हैं कि छात्र आलोचनात्मक सोच में सक्षम हों, नए विचारों की पेशकश करें। PARAKH का उद्देश्य छात्रों के बीच उच्च क्रम की सोच कौशल में सुधार करना है। यह देश की आर्थिक स्तिथि को एक नए आयाम  तक ले जायेगा

 Ram kumar