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फीस -वृद्धि व पोस्ट-कोविड डर की वजह से एएमयू में अंतर्राष्ट्रीय छात्रों की संख्या ने गिरावट

फीस -वृद्धि व पोस्ट-कोविड डर की वजह से एएमयू में अंतर्राष्ट्रीय छात्रों की संख्या ने गिरावट

AMU: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में प्रवेश लेने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है। 1997 में एएमयू ने लगभग 37 देशों के 747 अंतर्राष्ट्रीय छात्रों की मेजबानी की। कोविड के पहले तक विश्वविद्यालय लगभग 800 छात्र नामांकन करते थे, जो अब केवल 228 विदेशी छात्र ही  हैं।

एएमयू का दावा है कि प्रतिकूल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और कोरोनावायरस महामारी से पैदा हुई घबराहट और अराजकता के कारण संख्या में भारी गिरावट आई है। विशेष रूप से पिछले साल कोरोनोवायरस के चरम के दौरान, 18 दिनों के भीतर 17 प्रोफेसरों के निधन सहित कई मौतों हुई थी।

इंटरनेशनल स्टूडेंट्स सेल के एएमयू सलाहकार एस अली नवाज जैदी उन अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लगातार संपर्क में हैं जो एएमयू में पढ़ना चाहते हैं। जैदी उनकी चिंताओं को सुन रहे हैं।

जैदी ने कहा कि जब उन्होंने छात्रों से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि एएमयू में फीस कुछ निजी संस्थानों के मुकाबले ज्यादा है। जैदी ने कहा कि एएमयू ने पिछले साल अपने फीस स्ट्रक्चर रिवाइज् किया था जिससे फीस में बढ़ोत्तरी हुई है, जोकि छात्रों के लिए एक मुद्दा है। हमने अपनी फीस बढ़ा दी है क्योंकि हमें अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने की जरुरत है जोकि हमें यूनिवर्सिटी में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए आवश्यकता है इसलिए हम छात्रों से बात कर रहे हैं।

जैदी ने कहा कि विश्वविद्यालय अब दो साल के अन्तराल  के बाद पूरी तरह से खुला है। हमें भी यह उम्मीद थी कि कोविड -19 के बाद, अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या में कमी आएगी क्योंकि महामारी का पूरी दुनिया में राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों पर विनाशकारी प्रभाव पड़ा है।

जैदी ने कहा कि पिछले वर्षों में विदेशी छात्रों की संख्या में कमी आई है और वर्तमान में शैक्षणिक वर्ष 2022-23 के लिए यूनिवर्सिटी में प्रवेश चल रहा है और हमें उम्मीद है कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या में वृद्धि होगी।