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सरकार ने विभिन्न विषयों में इंजीनियरिंग शिक्षा देने के लिए 10 राज्यों में 29 संस्थान चुने गए

सरकार ने विभिन्न विषयों में इंजीनियरिंग शिक्षा देने के लिए 10 राज्यों में 29 संस्थान चुने गए

New Delhi: शिक्षा मंत्रालय ने बुधवार को एक लिखित उत्तर में राज्यसभा को बताया कि उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के ग्रामीण पृष्ठभूमि के गरीब छात्रों को तकनीकी शिक्षा प्रदान करने के लिए वित्तीय सहायता जैसे अतिरिक्त कदम उठाये जा रहे हैं। 

शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने मातृभाषा में तकनीकी शिक्षा प्रदान करने पर एक सवाल के जवाब में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुपालन में भारतीय भाषाओं में शिक्षा प्रदान करने के लिए जिस से की एक बेहतर समझ और शिक्षण परिणाम मिले इसके लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने वर्ष 2021-22 से भारतीय भाषाओं में तकनीकी शिक्षण प्रारम्भ कर दिया है। इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम सामग्री को भारतीय भाषाओं में  प्रदान करने के लिए एआईसीटीई ने 12 अनुसूचित भारतीय भाषाओं में "एआईसीटीई" तकनीकी पुस्तक लेखन और अनुवाद' को प्रदान किया है।

प्रथम वर्ष के लिए 22 पुस्तकों का नौ भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया जा चूका है। एआईसीटीई द्वारा दूसरे वर्ष 88 विषयों की पहचान की गई है और 12 भारतीय भाषाओं में इसका अध्यायवार अनुवाद शुरू किया गया है।

मंत्री ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों के छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए विभिन्न योजनाओं को लागू कर रहे हैं, जैसे कि कॉलेजों और विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए केंद्रीय क्षेत्र की योजना (CSSS), केंद्रीय क्षेत्र की ब्याज सब्सिडी योजना (CSIC), स्नातकोत्तर (PG) छात्रवृत्ति, विकलांग छात्रों के लिए सक्षम छात्रवृत्ति योजना, छात्राओं के लिए प्रगति छात्रवृत्ति योजना।