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डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के ओएसडी ने विश्वविद्यालय में ली क्लास

डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के ओएसडी ने विश्वविद्यालय में ली क्लास

डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के शिक्षकों की  छवि प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों की तुलना  में काफी अच्छी है। कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल के विशेष कार्याधिकारी डा. पंकज जी के कथन अनुसार उन्होंने कहा कि मैं इस विश्वविद्यालय की जो तस्वीर लेकर आया था,यहां आकर वो तस्वीर और मेरी सोच दोनों बदल गई हैं जो की अत्यंत प्रशंशनीय  है वे सोमवार को   निरीक्षण से पूर्व  विश्वविद्यालय की तैयारियों का भौतिक निरीक्षण करने आए थे।

डा. पंकज जानी ने विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों,संस्थानों और प्रशासनिक भवनों का निरीक्षण किया। खंदारी परिसर स्थित इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी के सभागार में उन्होंने विश्वविद्यालय की आवासीय इकाई के स्थायी एवं संविदा शिक्षकों के साथ महत्वपूर्ण  बैठक भी ली। बैठक में डा. जानी ने कहा कि नैक ही हमारी परीक्षा लेता है और ही हमारा मूल्यांकन करता है, बल्कि यह हमें दिशा प्रदान करता है जो की महत्वपूर्ण है हमें नैक के लिए अपने उत्कृष्ट कार्यों का एक शोकेस तैयार करना होगा। 

किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान उसके शिक्षकों से होती है और समूची शिक्षा प्रणाली की धुरी पर शिक्षक होता है। छात्रों को प्रवेश के लिए हम कैसे ज्यादा से ज्यादा  आकर्षित कर सकते हैं, हमें इस पर उचित ध्यान देना होगा। इसके लिए उन्होंने  कहा कि नवाचार पर ध्यान केंद्रित करें, आधारभूत संरचना को अधिक से अधिक मजबूत बनाएं, ट्रेनिंग एवं देश की प्रमुख कंपनियों  में जॉब के लिए की  प्लेसमेंट सेल को विकसित करें।

उन्होंने यह भी कहा कि केवल  अपने विश्वविद्यालय के शिक्षक ही नहीं बल्कि अन्य सभी शिक्षकों को भी यह सुविधा प्रदान करनी चाहिए। इस महत्वपूर्ण बैठक में नैक के सातों क्राइटेरिया के समन्वयकों ने अपना प्रस्तुतीकरण दिया और प्रति कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने उनका स्वागत किया। निरीक्षण के दौरान कार्यवाहक कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक, डीन अकादमिक प्रो. संजीव कुमार, प्रो. वीके सारस्वत, प्रो. संजय चौधरी  आदि उपस्थित थे डा. जानी ने कम्यूनिटी रेडियो का निरीक्षण किया और सुझाव दिया कि यहां युवाओं से जुड़े और कार्यक्रम को भी शुरू करने पर जोर दिया

उन्होंने पूछा कि विश्वविद्यालय ने कितने वैल्यू एडेड पाठ्यक्रम तैयार किए है  और शासन द्वारा निर्मित पाठ्यक्रमों में कितना संशोधन किया? उन्होंने स्टूडेंट फीडबैक सिस्टम सुधारने को कहा। डा.जानी ने सुझाव दिया कि नैक के सामने छात्रों को प्रस्तुत करने से पहले उनके साथ एक माक ड्रिल करना चाहिए। विश्वविद्यालय को अपने अध्यादेशों में संशोधन करके पार्ट टाइम पीएचडी भी प्रारंभ करनी चाहिए


ram kumar