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घमंड करने पर शरीर और बुद्धि दोनों नष्ट होती है

घमंड करने पर शरीर और बुद्धि दोनों नष्ट होती है

व्यक्ति हो या भगवान कभी भी उन्हें अपने आप पर अहंकार या घमंड नहीं करना चाहिए । इससे न केवल शारीरिक क्षमता कमजोर होती है, बल्कि मानसिक   विकास भी कम हो जाता हैं। इंसान जब कुछ बड़ा हासिल कर लेता है तो अक्सर घमंड उस पर हावी हो जाती है। इसी के चलते हम कईं भूल करते हैं। रावण भी अपने अहंकार की वजह से ही मारा गया था। हमेशा कोशिश करनी चाहिए कि ऊंचे पद पर पहुंचकर ज़मीनी हकीकत से जुड़े रहें। 

कभी कभी आपको लगता है की आपको अहंकार और घमंड आने से आप खुद को मजबूत समझते है तो ऐसा समझने की भूल न करे क्योकि ये आपको अंदर ही अंदर खोखला कर देती है और आपके सोचने समझने की छमता को ख़तम कर देती है जिससे आप सही रास्ता चुनने मे असमर्थ रह जाते है।  
अपने तो सुना ही होगा,
                                                         पंछी जब पहली उड़ान भरता तो वो कई बार गिरता 
                                                         लेकिन उसे कभी भी क्रोध और उड़ने का घमंड नहीं होता 
     

उसी प्रकार हमे अपने जीवन मे क्रोध और घमंड को नहीं रखना चाहिये।