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आज हम लेकर आये हैं मजेदार हिंदी चुटकुलों का एक बेहद ही खास संग्रह

 आज हम लेकर आये हैं मजेदार हिंदी चुटकुलों का एक बेहद ही खास संग्रह

दो पागल पागलख़ाने से फ़रार हो गए। पुलिस उन्हें ढूँढती-ढूँढती थक गयी, तब कहीं जा कर उनमे से एक हाथ आया।
पुलिसवाले ने उस से पूछा - "भई, तेरा साथी कहाँ है?"
उसने कहा - "दरअसल वो भागा था, मैं तो उसे वापस लाने उसके पीछे भागा था।"
पुलिसवाले ने कहा - "शाबाश, यह तो बहुत अच्छा किया। फिर, वो मिला?"
उसने कहा - "वो भागकर नदी में गिर गया था और डूब रहा था। नदी में भयंकर बाढ़ आई हुई थी। मुझे तैरना आता है, इसलिए अन्दर जा कर किसी तरह उसे बचाया और बाहर निकला।"
पुलीसवाले ने कहा - "अरे! तू तो बिलकुल पागल नहीं लगता। हम पागलख़ाने से बात कर के तुझे रिहा करवा लेंगे। अच्छा, तो बता वो गया कहाँ? निकलते ही भाग गया क्या?"
पागल ने कहा - "नहीं, नदी में गीला हो गया था न, इसलिए मैंने उसे सूखने के लिए लटका दिया है।"
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टीचर – राकेश, कल मैंने तुम्हें गाय पर निबंध लिखने को कहा था! तुम लिखकर क्यों नहीं लाए?
राकेश – क्या करूं मैडम, जैसे ही मैंने गाय पर पेन रखा, वो भाग खड़ी हुई.
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रमेश ने शौक-शौक में व्रत रख लिया।
रमेश ( पत्नी से ) – देखो सूरज डूब चुका है, अब खाना खाते है।
पत्नी ( रमेश से ) – नहीं जी।
रमेश – देखो डूबा या नहीं
पत्नी – नहीं जी…
रमेश – लगता है ये मुझे साथ लेकर ही डूबेगा।
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टीचर: बेटा, बताओ जान कैसे निकलती है?
पप्पू: खिड़की से।
टीचर: क्या मतलब?
पप्पू: दीदी ​कल ही एक लड़के से कह रही थी-
जान, खिड़की से निकल जाओ।
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