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नागालैण्ड व मणिपुर राज्यों क्षेत्रों में स्थित जोखू घाटी

नागालैण्ड व मणिपुर राज्यों क्षेत्रों में स्थित जोखू घाटी

जोखू घाटी भारत के नागालैण्ड व मणिपुर राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में विस्तारित एक घाटी है। यह घाटी कोहिमा से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। यह घाटी अपने प्राकृतिक वातावरण और प्राणी वनस्पति विविधता के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। समुद्र तल से लगभग 2000 मीटर से भी अधिक की ऊंचाई पर मौजूद जोखू वैली अपने प्राकृतिक वातावरण और प्राणी-वनस्पति विविधता के लिए प्रसिद्ध है।

जोखू घाटी के बीच फूलों के इस खजाने को देखने के लिए थोड़ी मेहनत भी करनी पड़ती है। यहाँ तक पहुँचने के लिए एक-डेढ़ घंटे की ट्रेकिंग भी करनी पड़ती है। एक घंटे की खड़ी चढ़ाई करने के बाद बांस के कुछ झुरमुट आते हैं। जिसे पार करते ही आप को इस घाटी की खूबसूरती की झलक मिलती है। आज ये घाटी नागालैंड की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है।

 पूर्वोत्तर-भारत अपनी अलौकिक सुंदरता के कारण सिर्फ हिंदुस्तान में ही नहीं बल्कि विश्व स्तर पर भी प्रसिद्ध है। इस वैली की खूबसूरती मौसमी फूलों की सुन्दरता, पेड़-पौधे और ऊंचे-ऊंचे पहाड़ है। कहते हैं कि पूर्व-भारत की ये एक ऐसी जगह है, जहां जाने के बाद लगभग हर कोई एक कवि बन जाता है। घाटी में आश्चर्यजनक लहरदार बेजान झाड़ियाँ, ऊँचे निचे पहाड़ियाँ, हरी-भरी चमक दार घास,  नदी की गहराई वाली खाड़ियाँ, जगह जगह बहती पानी की नालियाँ और गहरी पहुँच वाली गुफाएँ हैं।

जोखू घाटी उत्तर-पूर्व के सबसे लोकप्रिय ट्रेकिंग स्पॉट में से एक है। ये घाटी सबसे अधिक ट्रैकिंग के लिए भी प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि नागालैंड के विस्वेमा गांव की पहाड़ियों से होते हुए यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है। बर्ड्स वाचर्स के लिए भी ये जगह किसी जन्नत से कम नहीं है। यहां ऊंचे-नीचे हरे पहाड़, नीला आसमान और बीच में नदी का नजारा किसी जन्नत से कम नहीं लगता है। जोखू घाटी तक का सफर पैदल ही तय करना पड़ता है।

 सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन दीमापुर रेलवे स्टेशन है।  

यहाँ का नजदीकी हवाई अड्डा दीमापुर में ही स्थित है।

आप टैक्सी, बस या कैब लेकर घूमने के लिए जा सकते हैं।

इसके अलावा आप दार्जिलिंग या कोलकाता से होते हुए भी यहां घूमने के लिए पहुंच सकते हैं।