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प्रसिद्ध पैंगोंग झील लद्दाख़

प्रसिद्ध पैंगोंग झील लद्दाख़

Ladakh - भारत का एक केन्द्र शासित प्रदेश है, जो उत्तर में काराकोरम पर्वत और दक्षिण में हिमालय पर्वत के बीच में है। सीमावर्ती स्थिति के कारण सामरिक दृष्टि से इसका बड़ा महत्व है। जहाँ का अधिकांश धरातल कृषि योग्य नहीं है। यहाँ की जलवायु अत्यन्त शुष्क एवं कठोर है। 

लद्दाख में स्थित पैंगोंग झील को देखने के लिए दुनियाभर से पर्यटक आते हैं। उत्तर हिमालय में लद्दाख़ी जिले में पैंगोंग झील एक प्रसिद्ध झील है। ये पैंगोंग त्सो झील समुद्र तल से 4350 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह पैंगोंग झील दुनिया की सबसे ऊंची झीलों में शुमार है। यह झील करीब 604 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली हुई है।  यह झील वास्तविक नियंत्रण रेखा इस झील से होकर गुज़रती है। खारे पानी के कारण यह जलीय जीवन के अनुकूल नहीं है।इसलिए टूरिस्ट को यहां जाने के लिए विशेष अनुमति लेनी पड़ती है। पर्यटकों को यह घूमने के लिए लेह के डीसी द्वारा परमिशन मिलती है।

यह पर प्रतिबंधित है ये कार्य।

आप झील के आसपास या झील में कूड़ा नहीं फेंक सकते।

यहां जाने के लिए एक विशेष अनुमति की जरूरत पड़ती है।

पानी खारा होने की वजह से इसे पीने या स्वाद भी लेने की अनुमति नहीं है।

झील के पास गाड़ी ले जाने की भी अनुमति नहीं है

प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं कर सकते।

यहां शराब पीना भी एकदम मना है। 

यहां घूमने का सबसे अच्छा टाइम मई से लेकर सितंबर तक है। 
पैंगोंग त्सो तक पहुंचने के लिए कई मार्ग हैं, पहला मार्ग चांग-ला पास के माध्यम से पहुँच सकते है, दूसरा रास्ता  नुब्रा घाटी से श्योक नदी मार्ग के माध्यम से हो कर जाता है और अंतिम मार्ग वारी-ला पास मार्ग के माध्यम हो कर जाता है।