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अंग्रेजी फीचर फिल्म करना मेरे लिए सफलता का पैमाना नहींं : नवाजुद्दीन

अंग्रेजी फीचर फिल्म करना मेरे लिए सफलता का पैमाना नहींं : नवाजुद्दीन

बॉलीवुड के प्रतिभाशाली अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddqui) की पहली अंग्रेजी फीचर फिल्म ‘नो लैंड्स मैन’ को इस साल के बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में किम जिसियोक अवार्ड के लिए नामांकित किया गया है।इस पर बात करते हुए अभिनेता कहते हैं कि यह कुछ हद तक पिछले कुछ सालों में ईरानी फिल्मों में आई एक उछाल की तरह है। अब इस गेम में कोरियाई फिल्में सबसे आगे चल रही हैं। 

नवाजुद्दीन आगे कहते हैं कि फेस्टिवल में ‘मिनारी’ (2020) जैसी कुछ फिल्मों को चुना गया है। ऐसे में उन्हें इस बात की खुशी है कि उनकी फिल्म बुसान जा रही है, जो कि कोरियाई फिल्मों का हब है। 

बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में इस प्रतिष्ठित अवार्ड के लिए नो लैंड्स का मुकाबला अपर्णा सेन के निर्देशन में बनी फिल्म द रेपिस्ट के साथ होगा।

नवाजुद्दीन कहते हैं, ‘’’द रेपिस्ट’ के लिए मुझसे संपर्क किया गया था, लेकिन मेरी पहली कुछ प्रतिबद्धताएं थीं इसलिए मैं इसमें काम नहीं कर सका। मुझे उम्मीद है कि हममें से किसी एक को यह पुरस्कार मिलेगा। अपर्णा सेन एक शानदार निर्देशक हैं और मैं उनकी और उनकी टीम को बधाई देना चाहता हूं।’’ 

अब तक के फिल्मी करियर में नवाजुद्दीन के लिए सफलता के मायने बदल गए हैं। 47 वर्षीय इस अभिनेता का कहना है, ‘’किसी अंग्रेजी फिल्म में काम करना मेरे लिए सफलता का पैमाना नहीं है। किसी को लगता है कि सफलता का तात्पर्य घर खरीद लेने से है। किसी के लिए इंडस्ट्री में ब्रेक पाना सफलता है। किसी के लिए सुपरस्टारडम हासिल करना सक्सेस है। हालांकि ये चीजें मेरे लिए मायने नहीं रखती हैं। अगर किसी सीन में मैं एक खास तरह की भावना को अपने हिसाब से बेहतर ढंग से उकेरने में सक्षम हो पाता हूं, तो वह मेरे लिए जरूरी है।’’

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