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चुटकुलों की बारिश .....

चुटकुलों की बारिश .....

चुटकुलों की बारिश 
संता – यार मैं घरवालों से बड़ा परेशान हूँ
बंता -क्यों ?
संता – अरे उनको घड़ी में टाइम तक देखना नहीं आता
बंता – मतलब ?
संता – सुबह- सुबह मुझे जबरदस्ती उठा देते हैं
और बोलते हैं –
“उठ जा, देख कितना टाइम हो गया” 
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लड़की वाले शादी के लिए देखने आ रहे थे
पापा – बेटा लड़की वाले आ रहे हैं
उनके सामने थोड़ी लम्बी -लम्बी फेंकना
लड़की वालों के आते ही…
बेटा – पापा जरा चाभी देना
वो ट्रेन धूप में खड़ी है
अंदर कर देता हूँ
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पति – कितनी बार कहा है कि….
खाना बनाते टाइम मोबाइल मत चलाया कर…
अब देख! सब्जी का स्वाद एकदम पानी जैसा
लग रहा है…
पत्नी – ज्यादा दिमाग का दही ना करो जी,,
आपसे कितनी बार बोला है खाना खाते टाइम मोबाइल मत चलाया करो
सब्जी की जगह पानी में रोटी डुबो डुबोकर खा रहे हो
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पप्पू ट्रक ड्राइवर से बोला – क्या तुम तुम भगत सिंह को जानते हो ?
ड्राइवर – नहीं
पप्पू – क्या तुम सुभाष चन्द्र बोस को जानते हो ?
ड्राइवर – नहीं तो…
पप्पू – क्या तुम चन्द्रशेखर आजाद को जानते हो ?
ड्राइवर – नहीं तो…
पप्पू – तो फिर ट्रक के पीछे ये क्यूँ लिखा है – “शहीदों को नमन”
ड्राइवर – अरे ये तो उन लोगों के लिए लिखा है
जो इस ट्रक के नीचे आ के मरे हैं… 
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संता ने एयरटेल के ऑफिस में फोन किया
संता – मेरे फोन का बिल बहुत ज्यादा आया है
इतनी तो मैंने बात भी नहीं की है
बंता (एयरटेल से) – अच्छा आपका प्लान क्या है ?
संता – अभी तो मार्किट आया हुआ हूँ
शाम को कुछ खाऊंगा पिऊंगा…आप अपना बताइये
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कुछ पुरुष कंफ्यूज थे कि महिला दिवस तो होता है
लेकिन पुरुष दिवस होता है या नहीं ?
तो एक महापुरुष ने बोला लो आपका दिवस आ गया है –
“1 मई” को “मजदूर दिवस”
खूब धूमधाम से मनाना…