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रीवा के महाराज की राजधानी गोविंदगढ़ किला

रीवा के महाराज की राजधानी गोविंदगढ़ किला

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में स्थित गोविंदगढ़ किला पर्यटकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र है। गोविंदगढ़ किला रीवा से 20 किलोमीटर की दूर स्थित है।

किला का निर्माण रीवा के महाराज ने करवया था। गोविंदगढ़ गर्मियों में रीवा  के महाराज की राजधानी हुआ करती थी। यह किला एक सुंदर स्थान पर स्थित है किले का मुख्य द्वार भारतीय वास्तुकला का एक अच्छा उदाहरण है। जिसके चारो ओर हरे  भरे वन और बड़े बड़े घने पेड़ है। किला के तीन ओर में झील बानी हुई है जिसमे हर मौसम में पानी से भरा रहता है। मध्य प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा तालाब माना गया है। यहाँ की प्राकृतिक हरियाली देख कर काफी सुकून लगती है। दूर-दूर से पर्यटक इस किले में पुरानी राजबंश की इस इमारत को देखने के लिए आते हैं।

राज्य सरकार ने एक राज्य संग्रहालय में बदल दिया है। जिसमे राजा ,महराजा और रियासत के राजबंस के तलवार, भाले, हथियार और हिरे जवाहरात , सोने चाँदी के सामान रखे है। गोविंदगढ़ किला महाराजा रघुराजा सिंह ने साल 1875 में एक विशाल रथ का निर्माण करवाया था इस रथ के निर्माण में लड़की, लोहा, तांबा, पीतल व चांदी का इस्तमाल किया गया था। रथ की ऊंचाई बारह से पन्द्रह फिट की है।  संग्रहालय में रखे हुए हथियार प्रसिद्ध हिंदी फिल्म अशोका में इस्तेमाल किए गए थे जिसकी मुख्य भूमिका में शाहरुख ख़ान थे।

गोविंदगढ़ किला  अत्यधिक सुंदरता और प्राकृतिक झरनों से घिरा हुआ क्षेत्र है। रीवा रियाशत में  बनबाया गया यह किला बहुत पुराना है इस  किले की  देख रेख न होने की बजह से अब ये खंडहर में तब्दील हो चुका है परन्तु फिर भी इस किले में पर्यटक पुरानी राजबंश की इस इमारत को देखने के लिए आते हैं।