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शिवला घाट, बनारस

शिवला घाट,  बनारस

उत्तर प्रदेश राज्य का प्रसिद्ध शहर बनारस अपने मंदिर और अपने धार्मिक परंपराओं के लिए देश और विदेशो में प्रसिद्ध है। बनारस के अधिकांश घाटों का इस्तेमाल स्नान और पूजा समारोह के लिए किया जाता है। बनारस के तटो पर सूर्य की किरणे जब पड़ती है तो वहां का दृश्य मनोरम हो जाता है, जो देखते ही बनती है। घाटों के किनारे सुबह और शाम को नाव की सवारी करने के लिए भारी संख्या में यहां पर्यटक आते हैं।

शिवला घाट ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। शिवला घाट का दूसरा नाम काली घाट भी है। घाट के ठीक पीछे काशी राज्य के नरेश चेत सिंह का किला है। यह वाराणसी में वही स्थान है, जहां से ब्रिटिश सरकार के गवर्नर ने 1781 में राजा चेत सिंह को कैद कर लिया था। परन्तु राजा अंग्रेजो की कैद से आजाद हो कर मध्यप्रदेश चले गये। शिवाला घाट के करीब दो ऐतिहासिक स्मारक हैं।

सुबह-सुबह नाव की सवारी इस घाट की सबसे आकर्षणों चीजों में से एक है। नाव से नदी की यात्रा मन्त्र मुग्द कर देती है।

शिवला घाट के आस पास लोगो द्वार गन्दगी और प्रदूषण फैली घाटों हालात चिंताजनक  बानी है।