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मोदी के नये मंत्रिमंडल की पहली बैठक में किसान कल्याण पर व्यापक चर्चा, एपीएमसी को करेंगे और मजबूत

नई दिल्ली | कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन मोदी सरकार के गले की हड्डी बना हुआ है। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान दिल्ली के बॉर्डरों पर लगभग 8 महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। अब नए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को अपनी पहली बैठक में किसानों के कल्याण पर व्यापक चर्चा की और यह स्पष्ट किया कि कृषि उपज मंडी समितियों को और मजबूत किया जाएगा।

दरअसल किसान समूहों को डर है कि नए कृषि बिलों के बाद इससे दूरी बना ली जाएगीे, मगर मंत्रिमंडल की बैठक में भी सरकार ने दोहराया है कि इसे खत्म नहीं किया जाएगा, बल्कि मजबूत किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने घोषणा की कि नए कृषि कानूनों में एपीएमसी द्वारा नियंत्रित बाजारों को समाप्त करने का कोई प्रावधान नहीं है।

मंत्री ने कहा कि एपीएमसी को मजबूत किया जाएगा और उनके विकास के लिए केंद्र के बुनियादी ढांचा कोष द्वारा समर्थित किया जाएगा।

तोमर ने कहा, एपीएमसी को खत्म नहीं किया जाएगा। कृषि कानूनों के लागू होने के बाद, एपीएमसी को केंद्र के बुनियादी ढांचे के कोष से करोड़ों रुपये प्राप्त होंगे, ताकि ये किसानों के लिए अधिक उपयोगी हो सकें।

यह देखते हुए कि एपीएमसी को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा पहले इसकी घोषणा की गई थी, मंत्री ने कहा, एपीएमसी को और अधिक संसाधन प्रदान करने के प्रयास किए जाएंगे। आत्मानिर्भर भारत के तहत किसान इंफ्रास्ट्रक्च र फंड को आवंटित 1 लाख करोड़ रुपये का उपयोग एपीएमसी द्वारा किया जा सकता है।

तोमर ने कहा कि कैबिनेट ने कृषि क्षेत्र से संबंधित कई फैसले लिए, जिनमें नारियल बोर्ड अधिनियम में बदलाव शामिल है।

मंत्री ने विरोध कर रहे किसान यूनियनों से भी अपना विरोध समाप्त करने और बातचीत करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है।

बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कृषि, सहकारिता तथा किसान कल्याण विभाग के नारियल विकास बोर्ड के अध्यक्ष पद को गैर-कार्यकारी बनाने के प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दे दी है। इससे बड़े पैमाने पर नारियल उत्पादकों को लाभ होगा।

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को कृषि बुनियादी ढांचा कोष के अंतर्गत वित्तपोषण सुविधा की केंद्रीय क्षेत्र योजना में कई संशोधनों को भी मंजूरी दी है।