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माँ लक्ष्मी करेंगी धन वर्षा, शुक्रवार को ऐसे करें पूजा

माँ लक्ष्मी करेंगी धन वर्षा, शुक्रवार को ऐसे करें पूजा

सनातन धर्म में माँ लक्ष्मी को धन धान्य की देवी माना गया है। शुक्रवार को माँ लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है और इस दिन लक्ष्मी को अपने घर में लाने के लिए और उनकी विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए भक्त विधि-विधान से पूजा करते हैं। माँ लक्ष्मी केवल धन ही नहीं बल्कि यश की भी देवी मानी जाती है और धन और यश प्राप्ति के लिए माँ लक्ष्मी की विधिवत पूजा का प्रावधान है। 

माँ लक्ष्मी को सनातन धर्म में भगवान विष्णु की पत्नी माना गया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार माँ लक्ष्मी का जन्म या उत्पत्ति समुद्र से हुई थी। धन, वैभव और भाग्य की देवी होने की वजह से ही लक्ष्मी जी की पूजा शुक्रवार को विधान है, क्यूंकि ज्योतिष शास्त्र में भाग्य का कारक ग्रह शुक्र को माना गया है।

अक्सर लोगों की शिकायत होती है की उनके पास लक्ष्मी टिकती ही नहीं है। लेकिन क्या आपने कभी गौर कियाहै की इसका क्या कारण हो सकता है। यदि माँ लक्ष्मी रुष्ट हो जाएं तो हमें दरिद्रता और अपयश का सामना करना पड़ता है। वास्तु और सनातन धर्म के अनुसार कई ऐसी चीजें है जिनसे घर में नकारात्मकता आती हैं और लक्ष्मी रुष्ट होती हैं।  ऐसे में यदि आपको मां लक्ष्मी को प्रसन्न रखना है तो ऐसी चीजों को घर से दूर रखना ही उचित माना गया है। 

  • टूटे शीशे और दर्पण घर में नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देते हैं और लक्ष्मी को रुष्ट करते हैं , इसी लिए इनको जल्द से जल्द बदल देना चाहिए।  
  • पुराण कबाड़ और बिजली के तारों को भी घर में नहीं रखना चाहिए क्यूंकि ये दरिद्रता की निशानी हैं और जीवन को भी पूरी तरह से उलझा देते हैं।
  • घरों में मकड़ी के जाले वास्तु की दृष्टि से अशुभ माने जाते हैं और इसे तुरंत हटाना चाहिए। 
  • मन जाता है की कबूतर वीरान घरों में घोंसला बनाते हैं इसी लिए  कबूतर का घोंसले को घर से तुरंत हटा देना चाहिए। 
इसके अलावा कई ऐसे उपाय हैं जिनसे लक्ष्मी जी की प्रसन्न किया जा सकता है। तो आज हम आपको माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के कुछ विशेष उपाय बता रहे हैं।  हिन्दू धर्म के प्रकांड विद्वानों और ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि जो कोई भी शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी की पूजा-अराधना केता है वह धन-धान्य से परिपूर्ण होता है। 

शुक्रवार के दिन महालक्षी को भक्तों को स्वच्छ मन और हाथों से लाल चुन्नी , चूड़ी , सिंदूर और ब्बिंदी इत्यादि अर्पित करनी चाहिए।  इससे माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।  माँ लक्ष्मी का निवास भगवन विष्णु के पैरों में है और शुक्रवार के दिन लक्ष्मी नारायण का पाठ करने से माँ लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। पथ के बाद लक्ष्मी नारायण को खीर का भोग लगाने से अत्याधिक फल मिलता है। 

मान्यता है कि शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने के लिए लाल रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए। 

जैसे 8 दिशाएं हैं ठीक वैसे ही माँ लक्ष्मी के भी 8 स्वरुप हैं - शास्त्रों में वर्णन किया गया है कि महालक्ष्मी के इन सभी 8 स्वरूपों की पूजा करने से जीवन में धन का अभाव समाप्त हो जाता है।  इतना ही नहीं मान्यता है की लक्ष्मी की पूजा से कर्ज से मुक्ति मिलती है, आयु बढ़ती है, बुद्धि तेज होती है और सेहत भी बनी रहती है। 

मां लक्ष्मी के 8 स्वरूप इस प्रकार हैं
1. श्री आदि लक्ष्मी 
2. श्री धान्य लक्ष्मी 
3. श्री धैर्य लक्ष्मी 
4. श्री गज लक्ष्मी 
5. श्री संतान लक्ष्मी 
6. श्री विजय लक्ष्मी 
7. श्री विद्या लक्ष्मी 
8. श्री ऐश्वर्य लक्ष्मी.

शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी के मंत्रों का भी जाप करने से सुख और समृद्धि में बढ़ोत्तरी होती है। माता  मंत्र हैं लेकिन कुछ प्रमुख मंत्र हम आपको यहाँ बता रहे हैं। 

माता लक्ष्मी के मंत्र
ॐ श्रींह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मी नम:।। 
यह माता लक्ष्मी का बीज मंत्र है। इसका जाप करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है।

ॐ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।। 
यह माता लक्ष्मी का महा मंत्र है। इसका जाप करने से स्थिर धन, दौलत और वैभव प्राप्त होता है।

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम: 
इस मंत्र का जाप करने से जीवन में सफलता मिलती है। इसके लिए मां लक्ष्मी की चांदी या अष्ट धातु की मूर्ति की पूजा करनी चाहिए। 

ॐ श्रीं लक्ष्मी नारायण नम: 
माता लक्ष्मी के इस मंत्र में भगवान विष्णु का भी नाम है। इस मंत्र के जाप से वैवाहिक जीवन सुखमय होता है। पति और पत्नी के बीच संबंधों को मजबूत बनाने के लिए इस मंत्र का जाप किया जाता है। 

 सनातन धर्म के अनुसार धन की देवी मां महालक्ष्मी (Goddess Lakshmi) उसी पर धन की कृपा बरसाती हैं जिससे वे प्रसन्न होती हैं, और उनको प्रसन्न करने के लिए सबसे उत्तम दिन होता है शुक्रवार। 

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विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। इस लेख में दी गई कोई भी जानकारी या उपायों की सटीकता या विश्वसनीयता का कोई सिद्ध प्रमाण नहीं है। हमारा उद्देश्य आपको महज सूचना पहुंचाना है और इसे केवल सूचना की तरह ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। कृपया अपने विवेक का प्रयोग करें।

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