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शासकीय समिति का पुनर्गठन

शासकीय समिति का पुनर्गठन

विकास प्राधिकरणों, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों तथा विनियमित क्षेत्रों की शासन की स्वीकृति हेतु प्रस्तुत महायोजनाओं/क्षेत्रीय विकास योजनाओं का परीक्षण कर शासन को संस्तुति उपलब्ध कराये जाने हेतु पूर्व में गठित शासकीय समिति को सम्यक विचारोपरान्त पुनर्गठित किया गया है।

आवास एवं शहरी नियोजन अनुभाग-3 के दिनांक 22 सितम्बर 2021 कार्यालय-ज्ञाप के अनुसार 10 सदस्यीय समिति में सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन विभाग, उ0प्र0 शासन अध्यक्ष तथा मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग, उ0प्र0, लखनऊ सदस्य एवं संयोजक नामित किये गये है। इसी प्रकार आवास आयुक्त, उ0प्र0 आवास एवं विकास परिषद्, लखनऊ, अधिशासी निदेशक, आवास बन्धु उ0प्र0, उपाध्यक्ष, संबंधित विकास प्राधिकरण, मुख्य अभियन्ता, लखनऊ विकास प्राधिकरण, निदेशक आवास बन्धु उ0प्र0, मुख्य  अभियन्ता लखनऊ विकास प्राधिकरण, मुख्य/वरिष्ठ नगर नियोजक संबंधित विकास प्राधिकरण, एन0आर0वर्मा (तकनीकी सलाहकार) आवास बन्धु उ0प्र0 तथा जी0एस0गोयल (सलाहकार) आवास बन्धु उ0प्र0, प्रधानाचार्य राजकीय आर्कीटेक्चर कालेज, लखनऊ बतौर सदस्य नामित किये गये है।

संबंधित अभिकरण द्वारा प्रारूप महायोजना/प्रारूप क्षेत्रीय विकास योजना को इस शासकीय समिति के परीक्षण हेतु संदर्भित किये जायेंगे। शासकीय समिति द्वारा प्रारूप महायोजना/प्रारूप क्षेत्रीय विकास योजना के परीक्षणोंपरन्त की संस्तुतियों/सुझावों को संबंधित अभिकरण द्वारा प्रारूप में समावेशित किया जायेगा। उसके पश्चात प्रारूप  महायोजना/ प्रारूप क्षेत्रीय विकास योजना को अभिकरण बोर्ड के अनुमोदनार्थ प्रस्तुत किया जायेगा। संबंधित अभिकरण द्वारा प्रारूप  महायोजना/ प्रारूप क्षेत्रीय विकास योजना पर अभिकरण बोर्ड के अनुमोदन के उपरान्त आपत्ति एवं सुझाव आमंत्रण की कार्यवाही की जायेगी। चूंकि महायोजना/क्षेत्रीय विकास योजना में आमजन हितबद्ध होते है, अतएव प्रस्तावित महायोजना/क्षेत्रीय विकास महायोजना का व्यापक प्रचार प्रसार कराया जाना आवश्यक है और आपत्ति/सुझाव आमंत्रित किये जाने हेतु कम से कम 30 दिन की अवधि अवश्य निर्धारित की जायेगी। प्रस्तावित महायोजना/क्षेत्रीय विकास योजना पर प्राप्त आपत्ति/सुझावों की सुनवाई तथा निस्तारण के उपरान्त यथासंशोधित महायोजना/क्षेत्रीय विकास योजना पर प्राधिकरण बोर्ड का अन्तिम अनुमोदन प्राप्त करने के उपरान्त शासकीय समिति को उपलब्ध कराया जायेगा। शासकीय समिति द्वारा महायोजना/क्षेत्रीय विकास योजना का सम्यक परीक्षण पूर्व में जारी पत्रों के माध्यम से निर्गत निर्देश/चेक लिस्ट के आधार पर भी किया जायेगा। तदोपरन्त स्पष्ट संस्तुति शासन को उपलब्ध करायी जायेगी।

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