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हिंदी मीडियम से पढ़ाई कर बनना चाहते है आईएएस तो जरुर पढ़ें ये खबर

हिंदी मीडियम से पढ़ाई कर बनना चाहते है आईएएस तो जरुर पढ़ें ये खबर

यूपीएससी की तैयारी करते समय अगर व्यक्ति ये सोचता है कि भाषा उनके लक्ष्य के बीच बाधा बनकर उत्पन्न हो सकती है तो ऐसा बिलकुल नहीं है। यूपीएससी परीक्षा की तैयारी चाहे अंग्रेजी भाषा में की जाए या फिर हिंदी में, इससे परफॉर्मेंस पर कोई फर्क नहीं पड़ता। तैयारी के लिए सिर्फ उस भाषा को चुनना चाहिए जिसमें अच्छी पकड़ हो।


वैसे तो यूपीएससी की तैयारी के लिए हर व्यक्ति की अलग रणनीति होती है। हर सफल उम्मीदवार को अपनी रणनीति के कारण ही सफलता मिलती है। ऐसे ही एक सफल उम्मीदवार हैं सुरभि गौतम जिन्होंने पहले प्रयास में ही सिविल सेवा परीक्षा पास की। उन्होंने अपनी क्षमताओं के मुताबिक रणनीति बनाई और पहले प्रयास में आईएएस बनने की उपलब्धि हासिल की।


12वीं तक हिंदी मीडियम से की पढ़ाई


उन्होंने 12वीं कक्षा तक हिंदी मीडियम से अपनी पढ़ाई की। इंजीनियरिंग करने के लिए जब उन्होंने कॉलेज में एडमिशन लिया तो वहां अंग्रेजी मीडियम के कारण उन्हें काफी परेशानी हुई। मगर लगातार प्रयास करते हुए उन्होंने अंग्रेजी पर अपनी पकड़ मजबूत बनाई। 


ऐसे तय किया यूपीएससी का सफर


उन्होंने सबसे पहले यूपीएससी का सिलेबस देखा और स्टडी मटेरियल तैयार किया। सिलेबस के मुताबिक उन्होंने अपना शेड्यूल बनाया और तैयारी में जुट गई। उन्होंने कड़ी मेहनत कर हर विषय पर अपनी पकड़ बनाई। यही कारण रहा की उन्होंने पहले प्रयास में ही ऑल इंडिया रैंक 50 हासिल की और आईएएस बनी। 


इस परीक्षा को पास करने से पहले वो इसरो, दिल्ली पुलिस, एसएससी सीजीएल समेत कई परीक्षाओं में सफलता हासिल कर चुकी थी। मगर इन परीक्षाओं को पास करना उनका लक्ष्य नहीं था, इसलिए वो लगातार आईएएस बनने के लिए तैयारी करती रही और लक्ष्य हासिल करने के बाद ही रुकी।


ये है उनकी सलाह


उन्होंने मीडिया को बताया कि यूपीएससी की परीक्षा पास करने के  लिए जरूरी है कि पूरा सिलेबस ध्यान से पूरी गहराई के साथ पढ़ा जाए। अगर कोई व्यक्ति इस सोच के साथ सिविल की तैयारी करता है कि उसे शॉर्टकट मिल जाएगा तो ऐसा संभव नहीं है।


ऐसे में तैयारी करते हुए पूरी ईमानदारी के साथ लगातार मेहनत करें। अपनी क्षमताओं के आधार पर रणनीति तैयार करें और उस पर निरंतर काम करते रहें।