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नौसेना को मिली साइलेंट किलर पनडुब्बी 'INS वागीर', नौसेना प्रमुख की उपस्थिति में किया गया शामिल

नौसेना को मिली साइलेंट किलर पनडुब्बी 'INS वागीर', नौसेना प्रमुख की उपस्थिति में किया गया शामिल

भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने सोमवार सुबह कलवारी श्रेणी की पांचवीं सबमरीन आईएनएस वागीर (INS Vagir) को महाराष्ट्र मुंबई स्थित नेवल डॉकयॉर्ड पर भारतीय नौसेना में शामिल किया, भारतीय नौसेना में कलवारी श्रेणी की चार पनडुब्बियां पहले से ही शामिल हैं।

2 साल में नौसेना में शामिल हुई तीसरी पनडुब्बी: नौसेना प्रमुख

नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने इस अवसर पर कहा इसके निर्माण में हमारे शिपयार्ड की विशेषज्ञता का एक शानदार प्रमाण है, मै कड़ी मेहनत के लिए उनकी सराहना करता हूँ तथा शुभकामनाएं देता हूं, उन्होंने कहा आईएनएस वागीर 24 महीने में भारतीय नौसेना में शामिल होने वाली यह तीसरी सबमरीन हैं।

क्या है आईएनएस वागीर की खासियत

INS वागीर की पानी के ऊपर रफ़्तार 20 किलोमीटर प्रति घंटा तथा पानी के अंदर 40 किलोमीटर प्रति घंटा है, यह पनडुब्बी सतह रोधी, युद्ध रोधी तथा खुफिया जानकारी हासिल करने में माहिर है तथा यह माइन को बिछाने तथा निगरानी करने में सक्षम है, INS वागीर से भारत के नेवल हितों तथा नौसेना की क्षमता को आगे बढ़ाने में महती भूमिका निभाएगी।

बिना आवाज के दुश्मन पर हमला करने में सक्षम

वागीर में डीजल इंजन के साथ साथ बैटरी सेल्स भी लगाए गए हैं इसीलिए यह दुश्मन के पास तक बिना आवाज के जा सकती है तथा हमला भी कर सकती है, यह पनडुब्बी पानी के अंदर लगातार 50 दिनों तक रह सकती है, इसमें अत्याधुनिक टॉरपीडो तथा मिसाइलें लगाई गई हैं, पूर्णतः स्वदेसी तकनीक से बनी वागीर 350 मीटर गहराई से दुश्मनो पर सटीक निशाना लगा सकती है।