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अब 24 की जगह 28 नवंबर को मनाया जायेगा, गुरु तेग बहादुर सिंह शहीद दिवस, ये सब चींजे रहेंगी बंद

अब 24 की जगह 28 नवंबर को मनाया जायेगा, गुरु तेग बहादुर सिंह शहीद दिवस, ये सब चींजे रहेंगी बंद

उत्तर प्रदेश में सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर सिंह शहीद दिवस के उपलक्ष्य में 24 नवंबर को होने वाला अवकाश अब 28 नवंबर को मनाया जायेगा इस दिन सभी परिषदीय विद्यालयों में अवकाश रहेगा। पहले गुरु तेगबहादुर शहीद दिवस  24 नवंबर को होना था किंतु, जिलाधिकारी नेहा जैन ने सचिव के आदेश पर इसकी तिथि में परिवर्तन किया है। परिषद ने पहली बार 28 नवंबर को गुरु तेग बहादुर शहीद दिवस का अवकाश घोषित किया है। गुरु तेग बहादुर सिंह के शहीद दिवस पर अब 28 नवम्बर 2022 को सार्वजनिक अवकाश रहेगा। 

जेल और बैंक खुले रहेंगे

इस दिन राज्य सरकार के सभी सरकारी कार्यालयो में अवकाश रहेगा इस दिन राज्यों के सभी स्कूल और कॉलेज में भी अवकाश रहेगा लेकिन जेल और बैंक आदि इस दिन खुले रहेंगे।

हमेशा याद किए जायेंगे सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर सिंह 

धर्म की रक्षा के लिए सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर सिंह ने अपना सर्वोच्च बलिदान कर दिया था वे प्रेम, त्याग और बलिदान के सच्चे प्रतीक माने जाते हैं। धर्म, मानवीय मूल्यों, आदर्शों एवं सिद्धांत की रक्षा में उनका स्थान प्रथम है। वे अपने कर्तव्यों एवं शिक्षा के लिए किये गए कार्यो के लिए हमेशा याद किए जायेंगे

हिन्दुओ के बचाव और सुरक्षा के लिए  अपना सर्वोच्च बलिदान दिया

सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर सिंह एक बहादुर और साहसी योद्धा थे उन्होंने हिन्दुओ के बचाव और सुरक्षा के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन का बलिदान दिया, साथ ही उन्होंने सिखों के परचम को भी काफी ऊंचा किया। 

औरंगजेब ने दिया चांदनी चौक पर सर काटने का हुक्म

मुगल बादशाह औरंगजेब की तमाम कोशिशों और जुल्मों के बाद भी गुरु तेग बहादुर सिंह ने इस्लाम धर्म को धारण नहीं किया। औरंगजेब ने जब गुरू तेग बहादुर का धैर्य और संयम देखा तो वो आग बबूला हो गया। उसके बाद उसने गुरु तेग बहादुर सिंह का सर चांदनी चौक पर काटने का हुक्म दिया था

अपने धर्म और हिन्दुओ की रक्षा करते हुए  गुरू तेग बहादुर ने 24 नवंबर 1675 को अपना बलिदान दिया। तब से हर साल 24 नवंबर को गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस के रूप में मनाया जाता रहा हैं, लेकिन इस साल पहली बार ये 28 नवंबर को मनाया जा रहा हैं।
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