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हिंसा के कृत्य लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून के शासन को कमजोर करते हैं : क्रिस्टीना सैमी

हिंसा के कृत्य लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून के शासन को कमजोर करते हैं : क्रिस्टीना सैमी

नई दिल्ली। असम के दरांग जिले के धौलपुर गोरुखुटी इलाके में पुलिस फायरिंग में दो ग्रामीणों की मौत पर स्वराज इंडिया ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इसका कहना है कि घटना से सामने आई वीडियो रिपोर्ट, जिसमें कथित तौर पर एक निहत्थे नागरिक पर पुलिस द्वारा फायरिंग और उसके मृत शरीर का तिरस्कार करते हुए दिखाया गया है, चौंकाने वाला, वीभत्स, और मुख्यमंत्री और गृह मंत्री हेमंता बिस्वा सरमा के नियंत्रण में असम पुलिस की पूरी बर्बरता और अमानवीयता को प्रदर्शित करता है।

स्वराज इंडिया की अध्यक्ष क्रिस्टीना सैमी ने कहा, “असम की घटना भाजपा के शासन में प्रशासन और सरकार की जानलेवा कार्रवाई का एक और उदाहरण है। हिंसा के ऐसे कृत्य लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून के शासन को कमजोर करते हैं जो आधुनिक राज्य की नींव है। भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारों द्वारा मानवाधिकारों और नागरिकों के अधिकारों को बेरहमी से कुचला जा रहा है

स्वराज इंडिया के नेता राजीव गोदारा ने बयान की पुष्टि करते हुए कहा, हम अपराधी पुलिस कर्मियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग करते हैं, और सत्तारूढ़ दल को भाड़े के बलों के रूप में व्यवहार करने के बजाय कानून के शासन को बनाए रखने की सलाह देते हैं।

उन्होंने कहा कि कलह की यह स्थिति भाजपा के विभाजनकारी सांप्रदायिक राजनीति के कारण ही उत्पन्न हुई है। नागरिकों की ऐसी दिन दहाड़े हत्या के बाद भी, सीएम हेमंता बिस्वा शर्मा ने बेदखली अभियान जारी रखे जाने की घोषणा की, जहां तथाकथित बेदखली अल्पसंख्यक समुदाय के किसानों और ग्रामीणों को बेदखल करने, उनकी जमीन हड़पने और उनके जीवन और आजीविका को छीनने के अलावा और कुछ नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि जिले के एसपी सीएम के भाई हैं और उनके जवानों की इस जानलेवा कार्रवाई को सीएम ने समर्थन दिया है। हम मांग करते हैं कि मुख्यमंत्री इस त्रासदी की जिम्मेदारी लें और नागरिकों को उनके घरों और जमीनों से जबरन बेदखल करने पर तुरंत रोक लगाएं। 

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