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रक्तदान एक सामूहिक प्रयास है इससे जुड़कर जीवन बचायेंः-अपर मुख्य सचिव

रक्तदान एक सामूहिक प्रयास है इससे जुड़कर जीवन बचायेंः-अपर मुख्य सचिव


विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर ‘‘रक्तदान महादान‘‘ को चरितार्थ करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य  मिशन, उ0प्र0 के तत्वावधान में आज मंगलवार को डा0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला चिकित्सालय (सिविल अस्पताल) में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन एवं ब्लड कलेक्शन एण्ड ट्रांसपोटेशन वैन का फ्लैग ऑफ किया गया। स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का शुभारम्भअमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा,स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने अपने कर कमलों से किया। इस अवसर पर श्रीमती अपर्णा उपाध्याय, मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, डा0 लिली सिंह, महानिदेशक परिवार कल्याण, डा0 आनंद ओझा निदेशक सिविल अस्पताल, डा0 आर0पी0 सिंह मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, डा0 अमरेश बहादुर सिंह, प्रभारी स्टेट ब्लड सेल आदि उपस्थित रहे। रक्तदान शिविर में स्वास्थ्य विभाग एवं एन.एच.एम. के अधिकारियों, कर्मचारियों व अन्य लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और उत्साह पूर्वक रक्तदान किया और स्वंय को स्वैच्छिक रक्तदाता के रूप में पंजीकृत कराया।

रक्तदान शिविर का शुभारम्भ करते हुए अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने अपने संबोधन में कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ाने के लिए प्रत्येक रक्तकोष द्वारा स्वैच्छिक रक्तदाताओं हेतु प्रत्येक माह में रक्तदान शिविरों के आयोजन की तिथि निर्धारित की जाये। इससे स्वैच्छिक रक्तदाता निर्धारित तिथि पर पहुंच कर रक्तदान कर सकेेंगे। प्रदेश में स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ाने के लिए आपसी समन्वय की आवश्यकता है, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति आम जनमानस तक स्वैच्छिक रक्तदान की महत्ता को प्रसारित करते हुए आधिकाधिक रक्तदान करा सके। उन्होने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2017 से पूर्व राजकीय चिकित्सालयों में भर्ती रोगियों हेतु रक्त एवं रक्त अवयव के लिए प्रोसेसिंग चार्ज लिया जाता था, जिसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से निःशुल्क कर दिया गया है। साथ ही गर्भवती महिलाओं एवं जीवन पर्यन्त रक्त की आवश्यकता वाले रोगियों को प्राथमिकता पर बिना प्रतिस्थानी रक्तदाता के रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव द्वारा शिविर में आये समस्त आगन्तुकों को रक्तदान करने के लिए शपथ दिलाई।

शिविर को संबोधित करते हुए मिशन निदेशक, अपर्णा उपाध्याय ने बताया कि प्रदेश में कुल 428 रक्त केंद्र हैं, जिनमें से 101 राजकीय चिकित्सालयों में स्थापित हैं। प्रदेश के 71 जनपदों में राजकीय रक्तकोष संचालित हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से ऐसे 47 जनपद जहां पर रक्त अवयव पृथकीकरण ईकाई नहीं हैं, वहां पर इकाई की स्थापना करायी जा रही है। साथ ही 17 मण्डलीय चिकित्सालयों में ऐफरेसिस युनिट स्थापित कराये जा रहे है। 

इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के द्वारा 26 हीमोफिलिया ट्रीटमेंट सेंटर एवं 16 थैलेसीमिया डे केयर सेंटर के माध्यम से हीमोफिलिया व थैलेसीमिया रोगियों को निःशुल्क जांच उपचार एवं प्रबंधन की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। मिशन निदेशक महोदया ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों में आउटरीच स्वैच्छिक रक्तदान शिविरों के आयोजन हेतु मण्डल स्तर पर मानव संसाधन मय ब्लड कलेक्शन एवं ट्रान्सर्पोटेशन वैन (बी0सी0टी0वी0 वैन) उपलब्ध करायी गयी है। उन्होने यह भी बताया कि रक्तकोषों को डिजिटाइज्ड करने के लिए ई-रक्तकोष साफ्टवेयर उपलब्ध कराया गया है जिसमें रियल टाईम रक्त की उपलब्धता आसानी से पता की जा सकती है।

आयोजन में रक्तदान में सहयोग कराने वाली स्वंय सेवी संस्थाओें यथा संजीवनी फाउंडेशन, रोटरी क्लव, रेड क्रॉस, लायंस क्लव, डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ लखनऊ, रक्त पूरक फाउंडेशन, बंगला गौरी संस्थान, एन0सी0सी0, बी0बी0डी0 को इनकी सेवाओं के लिए सम्मान पत्र प्रदान किये गये । शिविर में रक्तदान करने वालों में मोहित भारती, विवेक कुमार सिंह, रवि कृष्ण पाण्डेय, अनूप चौधरी, राघवेंन्द्र सिंह, साक्षी खन्ना, नीरज सिंह, अश्वनी सिंह, प्रभाकर तिवारी, रामरानी कश्यप, भावना टण्डन, सैफुल हसन आदि शामिल रहे।