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अब पावर प्लांट नहीं होगी कोयले की कमी, कोयला मंत्री ने जताई खुशी

अब पावर प्लांट नहीं होगी कोयले की कमी, कोयला मंत्री ने जताई खुशी

नई दिल्ली:  देश में पिछले कुछ दिनों से कोयले को लेकर काफी चर्चा हो रही है, क्योकिं कई पावर प्लांट ने दावा किया किया था कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में कोयला स्टॉक में नहीं है, जिसके बाद कोयला मंत्रालय ने इस ओर ध्यान देते हुए एक बड़े कदम के रूप में कोयले को पावर प्लांट तक पहुंचाने का कोई भी कसर नहीं छोड़ रही है। केंद्रीय कोयला, माइन्स और संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बुधवार (13 अक्टूबर, 2021) को बताया कि सभी पावर प्लांट के लिए कोयला डिस्पैच कर दिया गया है।
 
केंद्रीय मंत्री ने भी ट्विटर पर यह खुलासा किया कि कोल इंडिया लिमिटेड सहित कोयले की संचयी आपूर्ति मंगलवार को 2 मिलियन टन से अधिक दर्ज की गई है।
 
मंत्री ने ट्वीट में कहा, "यह बताते हुए खुशी हो रही है कि कोल इंडिया लिमिटेड सहित सभी स्रोतों से थर्मल पावर प्लांटों को संचयी कोयले की आपूर्ति कल 20 लाख टन से अधिक दर्ज की गई। हम बिजली संयंत्रों में पर्याप्त कोयला स्टॉक सुनिश्चित करने के लिए बिजली संयंत्रों को कोयला प्रेषण बढ़ा रहे हैं।"
 
इससे पहले, एक आधिकारिक बयान में कोयला मंत्रालय ने कहा था कि पहले दो चरणों में 28 कोयला खदानों की सफल नीलामी के बाद यह कदम उठाया गया है और वर्तमान में कुल 88 कोयला खदानें उपलब्ध होंगी।
 
कोयला मंत्रालय के बयान में कहा गया है, "इन 88 माइन्स से लगभग 55 अरब टन कोयले के कुल भूवैज्ञानिक संसाधनों की पेशकश की जा रही है, जिनमें से 57 पूरी तरह से खोजी गई खदानें हैं और 31 आंशिक रूप से खोजी गई खदानें हैं। प्रस्ताव पर चार कोकिंग कोयला खदानें हैं।"
 
इस बीच, कोयला मंत्रालय ने मंगलवार को 40 नई कोयला खदानों की नीलामी प्रक्रिया शुरू की, जिसमें 21 नई खदानें कोयला खान (विशेष प्रावधान) अधिनियम 2015 के तहत हैं और 19 खदान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 के तीसरे भाग के तहत हैं।

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